Varanasi : IIT और IMS(BHU) के पांच वैज्ञानिकों को भारत में पहली बार होमोजेनॉस पॉलीमर और आयुर्वेदिक फॉर्मूले पर आधारित औषधि(Ayurvedic Medicine Innovation) विकसित करने के लिए हेमोस्टेटिक पैच (Hemostatic Patch) और उसकी निर्माण विधि का पेटेंट(Drug Patent) प्राप्त हुआ है। यह तकनीक विशेष रूप से ब्लीडिंग को नियंत्रित करने में प्रभावी मानी जा रही है।

यह हेमोस्टेटिक पैच नैनो टेक्नोलॉजी(Nano Technology) की मदद से तैयार किया गया है और इसका उपयोग स्त्री रोग संबंधी असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव(abnormal uterine bleeding), प्रारंभिक गर्भावस्था में ब्लीडिंग और खुले घावों को भरने में किया जा सकेगा।
इस शोध कार्य में शामिल वैज्ञानिक हैं:
- प्रो. प्रलय मैती, स्कूल ऑफ मैटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, IIT-BHU
- अविषेक मलिक चौधरी
- अमीषा
- डॉ. अनुराधा रॉय, प्रसूति तंत्र विभाग, IMS-BHU
- डॉ. बिनय सेन, द्रव्यगुण विभाग, IMS-BHU

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आविष्कार चिकित्सा विज्ञान में एक नई दिशा प्रदान करेगा और आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से तैयार की गई यह औषधि भविष्य में कई गंभीर चिकित्सीय स्थितियों में मददगार साबित हो सकती है।