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BHU परिसर में 11 वर्षीय बच्चे पर कुत्ते का हमला, सिर-चेहरे पर गंभीर चोटें; करीब 50 टांके लगाए गए
 

 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में गुरुवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान 11 वर्षीय बच्चे पर कुत्ते ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया। घायल बच्चे को राहगीरों की मदद से तत्काल BHU ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

परिजनों के अनुसार, बच्चे के सिर पर करीब 50 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के लिए प्री-ऑपरेटिव तैयारी की जा रही है।

मॉर्निंग वॉक के दौरान हुआ हमला

बच्चे के पिता के मुताबिक, वह गुरुवार सुबह अपने दोनों बेटों के साथ रोजाना की तरह BHU परिसर में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। बड़ा बेटा उनसे करीब 200 मीटर आगे चल रहा था, जबकि छोटा बेटा उनके साथ था। बाद में पिता ने छोटे बेटे को घर जाने के लिए कहा और बड़े बेटे को लेने के लिए आगे चले गए।

परिजनों के अनुसार, घर से करीब 400 से 500 मीटर की दूरी पर छोटा बेटा जैसे ही घर की ओर मुड़ा, तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। पिता ने बताया कि उन्होंने हमले को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा। घर पहुंचने पर उन्हें बच्चे के घायल होने की जानकारी मिली।

राहगीर ने खून से लथपथ बच्चे को पहुंचाया अस्पताल

घायल बच्चे को BHU ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने वाले संजय राय ने बताया कि वह सुबह दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक बच्चा गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। बच्चे के शरीर से काफी खून बह रहा था।

स्थिति गंभीर देखते हुए उन्होंने अपने साथियों की मदद से बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति इमरजेंसी स्टाफ से जुड़ा था, जिसकी स्कूटी से बच्चे को BHU ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बच्चे का उपचार शुरू कर दिया।

परिजनों ने BHU प्रशासन से की जांच की मांग

घटना के बाद बच्चे के परिजनों ने BHU के कुलपति को लिखित शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने और उसके आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है।

शिकायत में यह भी अनुरोध किया गया है कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए जाएं और हमले में शामिल कुत्ते को पशु चिकित्सा अधिकारियों की निगरानी में लेकर आवश्यक परीक्षण व ऑब्जर्वेशन कराया जाए।

हिंदी विभाग से जुड़ी महिला पर लगाया आरोप

परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना के समय हिंदी विभाग से जुड़ी सरधा सिंह अपने पालतू कुत्ते के साथ वहां मौजूद थीं। आरोप है कि कुत्ता बिना पट्टे के था और उसने अचानक बच्चे पर हमला कर दिया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि हमले के बाद संबंधित महिला ने बच्चे की मदद नहीं की और मौके से चली गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। CCTV फुटेज और जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिजनों ने मांग की है कि CCTV फुटेज के जरिए यह पता लगाया जाए कि बच्चा किस रास्ते से जा रहा था, कुत्ता कहां से आया, हमला किन परिस्थितियों में हुआ और घटना के बाद मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे।