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वाराणसी में 135 अग्निवीर बने भारतीय सेना का हिस्सा, 39 GTC की पासिंग आउट परेड में गूंजा ‘भारत माता की जय’

वाराणसी के 39 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में 135 अग्निवीर भारतीय सेना का हिस्सा बने। 24 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग के बाद जवानों ने राष्ट्र रक्षा की शपथ ली। आधुनिक ड्रोन वॉरफेयर प्रशिक्षण से लैस ये अग्निवीर अब विभिन्न सैन्य इकाइयों में तैनात होंगे।

 

वाराणसी: छावनी स्थित 39 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र (39 GTC) में शनिवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान 135 अग्निवीरों ने राष्ट्र सेवा और मातृभूमि की रक्षा की शपथ लेकर भारतीय थल सेना का अभिन्न हिस्सा बनने का गौरव हासिल किया। परेड का निरीक्षण लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए. मिनवाला ने किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर अग्निवीरों के परिजन, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

24 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग के बाद सेना में शामिल हुए अग्निवीर

इन अग्निवीरों ने 24 सप्ताह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक युद्ध प्रणाली, सामरिक कौशल, हथियार संचालन, फील्ड एक्सरसाइज और नई सैन्य तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण केंद्र ने बदलती युद्ध परिस्थितियों को देखते हुए ड्रोन तकनीक को भी ट्रेनिंग का अहम हिस्सा बनाया। अग्निवीरों को रेकी, निगरानी, लक्ष्य पहचान और स्टैंड-ऑफ अटैक मिशनों के लिए ड्रोन संचालन और दुश्मन के ड्रोन सिस्टम का मुकाबला करने का प्रशिक्षण दिया गया।

परेड में दिखा अनुशासन और सैन्य कौशल

पासिंग आउट परेड के दौरान अग्निवीरों की एकसमान चाल, सटीक ड्रिल और अनुशासित प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। जब जवानों ने सलामी मंच के सामने ‘आर्म्स प्रजेंट’ किया तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

परेड के दौरान अग्निवीरों के चेहरे पर आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प साफ दिखाई दिया। वहीं अपने बेटों को सेना की वर्दी में देख कई परिजनों की आंखें गर्व और खुशी से नम हो गईं।

आधुनिक ड्रोन वॉरफेयर की विशेष ट्रेनिंग

39 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र द्वारा इस बैच के सभी अग्निवीरों को आधुनिक ड्रोन वॉरफेयर का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। सेना के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान युद्ध परिदृश्य में ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ी है, इसलिए जवानों को ड्रोन संचालन के साथ-साथ दुश्मन के अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS) को निष्क्रिय करने की क्षमता भी विकसित कराई गई।

देश की सीमाओं पर संभालेंगे जिम्मेदारी

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये सभी अग्निवीर भारतीय सेना की विभिन्न सक्रिय परिचालन इकाइयों में तैनात किए जाएंगे। वहां वे देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे।

इन अग्निवीरों को मिला सम्मान

परेड के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सम्मानित भी किया गया।

  • सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रदर्शन – अग्निवीर स्वास्तिक छेत्री
  • द्वितीय सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रदर्शन – अग्निवीर एरिक लिम्बु
  • फिजिकल प्रदर्शन – सुज्जल छेत्री
  • ड्रिल में उत्कृष्टता – रोनाल्ड राय
  • फायरिंग में श्रेष्ठ प्रदर्शन – कमल दुलाल
  • रणनीति (टैक्टिक्स) में उत्कृष्टता – परिवेश छेत्री