BHU अस्पताल में पुतला दहन करने वाले 3 छात्र निलंबित, 2 को कड़ी चेतावनी
वाराणसी में बीएचयू प्रशासन ने सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में पुतला दहन की घटना पर सख्त कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को निलंबित और दो को कड़ी चेतावनी जारी की है।
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) प्रशासन ने अनुशासनहीनता के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में हुई पुतला दहन की घटना में शामिल छात्रों पर सख्त कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय ने तीन छात्रों को निलंबित कर दिया है, जबकि दो अन्य छात्रों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है।
यह कार्रवाई 24 मई 2025 को सर सुंदरलाल अस्पताल के ऑक्सीजन केंद्र के पास हुए पुतला दहन की घटना के संबंध में की गई। चिकित्सा अधीक्षक की शिकायत पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड द्वारा जांच समिति गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट और छात्रों के पूर्व आचरण की समीक्षा के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई स्थायी समिति ने छात्रों को दोषी पाया।
कुलपति के आदेशानुसार पल्लव सुमन, सत्यनारायण सिंह और श्यामल कुमार को तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए विश्वविद्यालय परिसर से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान ये छात्र किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे और विश्वविद्यालय की सुविधाओं—हॉस्टल व लाइब्रेरी—का उपयोग भी नहीं कर पाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि में अनधिकृत रूप से परिसर में पाए जाने पर संबंधित छात्रों की भविष्य की छात्रावास पात्रता स्थायी रूप से निरस्त की जा सकती है।
इसके साथ ही, छात्रों को भविष्य में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन या अनुशासनहीन गतिविधियों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गई है। मामले में शामिल दो अन्य छात्र—पुनीत कुमार मिश्रा और शिवम सोनकर को उनके आचरण के लिए कड़ी चेतावनी जारी की गई है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता पर और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुधारात्मक कदम के तहत सभी पांचों छात्रों को 10 घंटे की अनिवार्य सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा उन्हें पेशेवर काउंसलर के माध्यम से पांच काउंसलिंग सत्रों में भाग लेना भी अनिवार्य होगा।