BHU के 400 शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन, संविदाकर्मी भी होंगे नियमित
काशी हिंदू विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी समिति की लंबी बैठक में शिक्षकों के प्रमोशन, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण, भर्ती घोटाले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। 400 शिक्षकों को जल्द पदोन्नति मिलेगी, जबकि भर्ती गड़बड़ी मामले में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वाराणसी: काशी हिंदी विश्वविद्यालय (BHU) की कार्यकारिणी समिति की बैठक बुधवार को कई बड़े फैसलों के साथ समाप्त हुई। करीब 11 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों के प्रमोशन, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण, भर्ती गड़बड़ी, सुरक्षा व्यवस्था और नए शैक्षणिक सुधारों समेत 42 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी ने की। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक रात साढ़े दस बजे तक चली, जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
400 शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा डायनामिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) और कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत लंबित प्रमोशन मामलों को लेकर हुई। कार्यकारिणी समिति ने प्रशासन को निर्देश दिया कि पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप दिया जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक इस फैसले से तत्काल करीब 400 शिक्षकों को लाभ मिलेगा। लंबे समय से अटकी प्रमोशन प्रक्रिया अब अगले एक महीने में शुरू होने की संभावना है। बीएचयू में पिछले चार वर्षों से विभिन्न कारणों के चलते पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित चल रही थी।
संविदाकर्मियों के नियमितीकरण पर बनी सहमति
बैठक में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के मुद्दे पर भी अहम सहमति बनी। इसके लिए बनाई गई विशेष समिति की रिपोर्ट पर जल्द कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया गया।
कार्यकारिणी सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से कार्यरत संविदाकर्मियों को स्थायी व्यवस्था देना जरूरी है ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।
‘एक पद-एक व्यक्ति’ नीति लागू करने पर जोर
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन में ‘एक पद-एक व्यक्ति’ नीति लागू करने पर भी गंभीर चर्चा हुई। सदस्यों का कहना था कि एक ही व्यक्ति के पास कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां होने से कार्य प्रभावित होता है और पारदर्शिता पर भी असर पड़ता है। इसी कारण जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया।
भर्ती घोटाले पर सख्त रुख, FIR दर्ज कराने के निर्देश
गैर-शैक्षणिक कर्मचारी भर्ती में कथित गड़बड़ियों और आर्थिक लेन-देन के आरोपों को लेकर कार्यकारिणी समिति ने बेहद सख्त रुख अपनाया। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अभ्यर्थियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
साथ ही जल्द एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी प्रशासन को दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विवादित मामलों पर भी हुई कार्रवाई
इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक सोनकर के खिलाफ लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट भी बैठक में पेश की गई। जांच समिति द्वारा आरोप सिद्ध न पाए जाने पर कार्यकारिणी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी।
वहीं पिछले वर्ष तमिल विभाग में शिक्षक पर हुए हमले के मामले में समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रो. Budati Venkateshwarlu का निलंबन जारी रखने का फैसला किया। समिति ने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
नए कोर्स और NEP-2020 पर भी बड़ा फैसला
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नए रोजगारपरक और बहुविषयक पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी सहमति बनी। हाल ही में अकादमिक काउंसिल द्वारा पारित प्रस्तावों को कार्यकारिणी ने मंजूरी दे दी।
इसके अलावा छात्रावास सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, शोध सुविधाएं बढ़ाने और नए शैक्षणिक ढांचे को लागू करने पर भी चर्चा हुई।
गोदौलिया स्थित ‘बड़ौदा हाउस’ में बनेगी पार्किंग
बैठक में गोदौलिया स्थित विश्वविद्यालय की संपत्ति ‘बड़ौदा हाउस’ के स्थान पर पार्किंग विकसित करने का भी फैसला लिया गया। साथ ही विद्युत एवं जल आपूर्ति विभाग को दोबारा स्वतंत्र विभाग के रूप में स्थापित करने पर सहमति बनी।
कई बड़े नेता और सदस्य रहे मौजूद
इस अहम बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री Mahendra Nath Pandey, University of Delhi के कुलपति योगेश सिंह, भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल और वाराणसी महापौर अशोक तिवारी समेत कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।