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बजरडीहा में 6 नकाबपोशों ने लूटे 80 लाख, 27 दिन बाद केस दर्ज, हवाला एंगल का शक 

वाराणसी के बजरडीहा में गुजरात की कृषि फर्म के कर्मचारी से 80 लाख रुपये की डकैती का मामला सामने आया है। घटना के 27 दिन बाद FIR दर्ज हुई है। पुलिस हवाला एंगल से जांच कर रही है, जबकि पीड़ित पक्ष के कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
 

वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित बजरडीहा की शिवराजनगर कॉलोनी में गुजरात की एक कृषि फर्म के कर्मचारी और चालक से 80 लाख रुपये की कथित डकैती का मामला सामने आया है। नकाबपोश छह बदमाशों ने दोनों को बंधक बनाकर असलहे के बल पर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि घटना 14 मार्च की रात की बताई जा रही है, लेकिन इस मामले में प्राथमिकी 27 दिन बाद दर्ज की गई, जिससे पुलिस को कई बिंदुओं पर संदेह है।

फर्म के कर्मचारी को कैश लेकर भेजा गया था वाराणसी

गुजरात के गांधीनगर निवासी कमलेश शाह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कृषि उत्पादों की फर्म देशभर में सब्जी, फल और फूलों का कारोबार करती है। उन्होंने 13 मार्च को अपने कर्मचारी बजरंग सिंह को 80 लाख रुपये नकद देकर वाराणसी भेजा था, ताकि स्थानीय कृषि उत्पादकों से माल खरीदा जा सके।

कार में सो रहे कर्मचारी को बंधक बनाकर लूटी रकम

शिकायत के अनुसार, बजरंग सिंह 14 मार्च की रात भेलूपुर के बजरडीहा स्थित शिवराजनगर कॉलोनी में परिचित राजेंद्र सिंह के घर पहुंचे थे। रात में छह बदमाश घर के अंदर घुसे और पार्किंग में कार में सो रहे कर्मचारी पर हमला कर दिया। आरोप है कि बदमाशों ने मारपीट कर उन्हें बंधक बनाया और असलहे के दम पर 80 लाख रुपये लूट लिए।

FIR में देरी और पीड़ितों के गायब होने से बढ़ा शक

पुलिस ने बताया कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष के कई लोग संपर्क से बाहर हैं। कर्मचारी बजरंग सिंह, हसमुख गिरी और परिचित राजेंद्र सिंह के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। इसी कारण प्राथमिकी दर्ज होने में देरी हुई और मामला अब और संदिग्ध माना जा रहा है।

हवाला एंगल की जांच

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि बरामदगी से जुड़ा मामला हवाला या अवैध नकद लेनदेन से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 80 लाख रुपये नकद ले जाने, घटना की तत्काल सूचना न देने और FIR में 27 दिन की देरी जैसे तथ्य जांच को जटिल बना रहे हैं।

किराये के मकान और CCTV हटाने की बात भी आई सामने

मकान मालिक प्रो. सुदीप मिश्रा ने पुलिस को बताया कि मकान जून 2024 में एक व्यक्ति को किराये पर दिया गया था, जिसने खुद को जीरा कारोबारी बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मकान में रहने वालों ने CCTV कैमरे और DVR हटा दिए थे। 31 मार्च को मकान खाली कर दिया गया।

गुजरात से आएगा फर्म मालिक

भेलूपुर ACP गौरव कुमार के अनुसार, आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फर्म मालिक कमलेश शाह को बयान के लिए वाराणसी बुलाया गया है। उनके आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं।