बरेका में 7 से अंडर-17 बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता, 7 टीमें लेंगी हिस्सा
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) बास्केटबॉल एकेडमी की ओर से चार दिवसीय आमंत्रण अंडर-17 बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता 7 से 10 मई तक बरेका परिसर स्थित कोर्ट पर आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में जिले की सात टीमों की कुल 112 खिलाड़ी हिस्सा लेंगी।
प्रतियोगिता को लेकर सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम की चयनित टीम ने अभ्यास शुरू कर दिया है। खिलाड़ियों को दिन में दो सत्रों में ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें टीम वर्क, अटैक, ड्रिब्लिंग, पासिंग, शूटिंग और डिफेंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोच आशीष दुबे के अनुसार टीम के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए प्रैक्टिस मैच भी कराए जा रहे हैं।
इन टीमों के बीच होंगे मुकाबले
प्रतियोगिता में बरेका, डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम (सिगरा), यूपी कॉलेज की राजर्षि क्लब, सनबीम वरुणा, संत अतुलानंद होलापुर, सनबीम भगनानपुर और सनबीम सनसिटी की टीमें भाग लेंगी। बरेका बास्केटबॉल संघ के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि खिलाड़ियों को अधिक मैच अनुभव देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
लालपुर स्टेडियम में एथलेटिक्स अभ्यास ठप
लालपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक की मरम्मत के चलते फिलहाल एथलेटिक्स खिलाड़ियों का अभ्यास रोक दिया गया है। ट्रैक के जीर्णोद्धार के बाद ही अभ्यास शुरू हो सकेगा। करीब सात करोड़ की लागत से बना यह ट्रैक जुलाई 2022 में तैयार हुआ था, लेकिन कुछ ही महीनों में कई जगहों से उखड़ने लगा। अब कार्यदायी संस्था द्वारा इसकी मरम्मत कराई जा रही है।
सुब्रतो कप के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित 65वें सुब्रतो कप अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूलों को 2000 रुपये शुल्क के साथ आवेदन करना होगा। राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए खिलाड़ियों के पास सीएसआर पंजीकरण होना जरूरी है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई और टीम सूची जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है। टूर्नामेंट 18 अगस्त से 25 सितंबर तक आयोजित होगा।
कोच की कमी से खिलाड़ी परेशान
वाराणसी में खेल विभाग द्वारा 13 अंशकालिक कोच नियुक्त किए जाने के बावजूद मुक्केबाजी और टेबल टेनिस के कोच पिछले एक साल से नहीं मिल पाए हैं। इससे खिलाड़ियों को निजी एकेडमियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सिगरा स्टेडियम से कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकले हैं, लेकिन कोच की कमी के कारण प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। मुक्केबाजी और टेबल टेनिस के खिलाड़ी अब अन्य स्थानों पर अभ्यास करने को मजबूर हैं।