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अमरनाथ यात्रा में मिलेगा बनारसी स्वाद का जायका: काशी से 70 सेवादार लगाएंगे निशुल्क भंडारा
 

 

वाराणसी। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार जम्मू-कश्मीर के चंदनवाड़ी में काशी के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। वाराणसी से 70 सेवादारों की टीम सेवा शिविर और निशुल्क भंडारे का संचालन करेगी, जहां यात्रियों को बनारसी परंपरा के साथ भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति पिछले 26 वर्षों से अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करती आ रही है। इस वर्ष भी समिति की ओर से 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चंदनवाड़ी में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान यात्रा मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को भोजन, विश्राम और आवश्यक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

बनारसी व्यंजनों से सजेगा भंडारा

समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि इस बार भी शिविर में बनारसी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी-कचौड़ी, गरमा-गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान सहित कई पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके साथ ही काशी की विशेष मिठाइयों का भी इंतजाम किया गया है।

इन व्यंजनों को तैयार करने के लिए बनारस से अनुभवी कारीगरों को विशेष रूप से साथ ले जाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को काशी के असली स्वाद का अनुभव मिल सके।

अन्य राज्यों के व्यंजनों की भी व्यवस्था

समिति ने बताया कि अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण भारतीय, पंजाबी और गुजराती भोजन की भी व्यवस्था की गई है, ताकि हर यात्री अपनी पसंद का भोजन प्राप्त कर सके।

300 यात्रियों के ठहरने की सुविधा

भंडारे में प्रतिदिन लगभग एक हजार से डेढ़ हजार श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन तैयार किया जाएगा। वहीं, शिविर में करीब 300 लोगों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है। यात्रियों के लिए शॉल, गर्म कपड़े, मोजे और अन्य आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें ठंड से राहत मिल सके।

28 जून को रवाना होंगे सेवादार

समिति का पहला जत्था 20 जून को ही चंदनवाड़ी के लिए रवाना हो चुका है, जबकि बाकी 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन के माध्यम से प्रस्थान करेंगे। इनमें भोजन बनाने वाले कारीगर, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल होंगे। शिविर में भगवान शिव की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी, जिससे धार्मिक वातावरण और अधिक भव्य होगा।