पुणे में छिपा था वाराणसी का 50 हजार का इनामी अपराधी, STF ने ऐसे पकड़ा
वाराणसी में बाइक टकराने के बाद हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी मनीष यादव को STF ने पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी पर 50 हजार का इनाम था। दिसंबर 2025 में हुई इस वारदात में समीर सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रैक कर गिरफ्तारी की।
वाराणसी: शहर के चर्चित गोलीकांड मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए Uttar Pradesh Special Task Force ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा निवासी मनीष यादव को महाराष्ट्र के पुणे जिले के मानगांव इलाके से दबोच लिया गया। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
बाइक टकराने के बाद शुरू हुआ था विवाद
यह सनसनीखेज घटना बीते साल 25 दिसंबर की शाम की है, जब बड़ागांव थाना क्षेत्र के इंदरपुर निवासी अभिषेक यादव अपने साथी रामू यादव के साथ बाइक से जा रहे थे।
दयालपुर के पास खड़े कुछ युवकों से बाइक टकराने के बाद मामूली विवाद अचानक हिंसक झगड़े में बदल गया और आरोपियों ने दोनों पर हमला कर दिया।
फायरिंग में एक की मौत, दूसरा घायल
झगड़े के दौरान आरोपियों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें रामू यादव को गोली लगी। वहीं, जब आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, तो बदमाशों ने बड़ागांव के रसूलपुर निवासी समीर सिंह को भी गोली मार दी। दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां समीर सिंह की मौत हो गई, जबकि रामू का इलाज किया गया।
5 आरोपी पहले ही गिरफ्तार, मनीष था फरार
इस मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। हालांकि, मुख्य आरोपी मनीष यादव घटना के बाद से फरार चल रहा था और लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
मुंबई में छिपा था आरोपी, STF ने ऐसे पकड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मनीष यादव मुंबई में अपने रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ था। सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक की गई, जिसके बाद STF टीम ने उसे पुणे के मानगांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही चौबेपुर थाने में दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में सब-इंस्पेक्टर अंगद सिंह यादव और विनय मौर्या की अहम भूमिका रही।