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BHU के डालमिया हॉस्टल में खाने में निकली छिपकली, छात्रों का फूटा गुस्सा, मेस बंद करने की उठाई मांग

 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डालमिया छात्रावास में बुधवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब मेस में परोसी गई सब्जी में छिपकली मिलने का मामला सामने आया। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने भोजन का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छात्रों का आरोप है कि छात्रावास मेस में लंबे समय से खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छात्रों ने बताया कि सब्जी में छिपकली मिलने के बाद कुछ छात्रों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल भेजा गया।

छात्रों को शांत कराने पहुंचे वार्डन

घटना की सूचना मिलते ही प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम छात्रावास पहुंची और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रावास के वार्डन राघव मिश्रा ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है तो प्रशासन हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भोजन बनाने वाले कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच कराई जा रही है। वहीं, डीन ऑफ स्टूडेंट्स भी मौके पर पहुंचे और छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। 2 से 3 छात्रों को जांच के लिए हेल्थ सेंटर भेजा गया।

छात्रों ने गिनाईं कई समस्याएं

छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रावास में केवल भोजन की समस्या ही नहीं, बल्कि पीने के पानी और साफ-सफाई जैसी कई मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मेस संचालक ही कैंटीन का संचालन कर रहा है, जिसकी वजह से खाने की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। छात्रों के मुताबिक, वेज और नॉन-वेज भोजन एक ही तेल में बनाया जाता है और बर्तनों की सफाई भी ठीक से नहीं होती। इसके अलावा छात्रावास के शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने का आरोप भी लगाया गया।

छात्रों की प्रमुख मांगें

मेस को तत्काल बंद किया जाए। कैंटीन संचालन पर रोक लगाई जाए। स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वॉशरूम की नियमित और बेहतर सफाई कराई जाए।