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चलती कार अचानक बनी आग का गोला, ड्राइवर की सूझबूझ से 4 बची लोगों की जान

 

वाराणसी में एक बड़ा हादसा टल गया, जब चलती कार में अचानक आग लग गई। हालांकि चालक की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के चलते कार में सवार सभी लोगों की जान बच गई।

मरीज को लेकर जा रहे थे अस्पताल

गाजीपुर के कटघरा शादियाबाद निवासी अश्वनी कुमार अपने पड़ोसी की घायल बेटी को इलाज के लिए वाराणसी के चितईपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे। युवती दो दिन पहले स्कूटी दुर्घटना में घायल हो गई थी और उसे तत्काल उपचार की जरूरत थी।

अचानक धुआं, फिर आग की लपटें

अश्वनी अपनी रेनॉल्ट क्विड कार से मरीज को लेकर जा रहे थे। कचहरी पार करने के बाद जब वाहन इमिलिया घाट के पास पहुंचा, तो अचानक कार की रफ्तार धीमी हो गई। शक होने पर उन्होंने तुरंत गाड़ी सड़क किनारे रोक दी। इसी दौरान इंजन से धुआं निकलने लगा।

स्थिति को भांपते हुए अश्वनी ने बिना देर किए कार से बाहर निकलकर मरीज और उसके परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही देर में इंजन ओवरहीट होने से कार में आग लग गई।

सड़क पर मची अफरा-तफरी, लगा जाम

सड़क पर जलती कार को देखकर पीछे आ रहे वाहनों की रफ्तार थम गई और मौके पर लंबा जाम लग गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही फायर सर्विस को भी बुलाया गया।

20 मिनट में आग पर काबू

करीब 20 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था।

सभी सुरक्षित, कार का इंजन क्षतिग्रस्त

अश्वनी कुमार ने बताया कि इस हादसे में कार का इंजन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी लोग सुरक्षित हैं। बाद में पुलिस ने सभी को दूसरे वाहन से अस्पताल भेजा और क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से हटवाकर वर्कशॉप भेज दिया।