काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में Meta Smart Glass पहनकर पहुंचा युवक, जलाभिषेक का वीडियो डाला फिर किया डिलीट
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक युवक कैमरा युक्त Meta Smart Glasses पहनकर मंदिर के गर्भगृह में जलाभिषेक करता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि युवक ने इस दौरान वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर भी किया।
वीडियो के अलावा युवक ने मंदिर परिसर के अंदर की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं।
इंस्टाग्राम स्टोरी में उसने वीडियो के साथ लिखा था, “Like and share guys! Finally meta glasses paying off!!” हालांकि, वीडियो पोस्ट करने के कुछ घंटे बाद ही इसे उसके अकाउंट से हटा दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो और उसके स्क्रीनशॉट तेजी से सामने आने लगे।
कड़ी सुरक्षा के बीच कैमरा चश्मा अंदर कैसे पहुंचा?
मामले में सबसे बड़ा सवाल मंदिर की सुरक्षा जांच को लेकर उठ रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की कई स्तरों पर जांच होती है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, कैमरा और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है।
ऐसे में कैमरा और ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा वाले स्मार्ट चश्मे के साथ युवक गर्भगृह तक कैसे पहुंच गया, यह जांच का अहम सवाल है। सामान्य चश्मे की तरह दिखने वाले ऐसे उपकरण सुरक्षा जांच में आसानी से नजर नहीं आने की संभावना जरूर रहती है, लेकिन गर्भगृह के भीतर तक पहुंचकर रिकॉर्डिंग किए जाने ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मंदिर परिसर की तस्वीरें भी कीं शेयर
बताया जा रहा है कि युवक ने सिर्फ गर्भगृह में जलाभिषेक का वीडियो ही रिकॉर्ड नहीं किया, बल्कि मंदिर परिसर के अंदर की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा कीं। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है, क्योंकि मंदिर परिसर में प्रतिबंधित रिकॉर्डिंग को लेकर सुरक्षा नियम काफी सख्त हैं।
मंदिर प्रशासन ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक कैमरा युक्त चश्मे के साथ मंदिर में कैसे दाखिल हुआ और सुरक्षा जांच के दौरान यह उपकरण पकड़ में क्यों नहीं आया।
इसके अलावा गर्भगृह में वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल इस मामले में मंदिर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहली बार नहीं है जब कैमरा युक्त चश्मे को लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा पर सवाल उठा हो। पिछले साल 14 अक्टूबर को भी एक NRI युवक गूगल कैमरे वाला चश्मा पहनकर मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश करते पकड़ा गया था। पुलिस को संदेह होने पर उससे पूछताछ की गई थी और बाद में कड़ी हिदायत देकर छोड़ दिया गया था।
अब नए मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक तकनीक से लैस ऐसे उपकरणों की पहचान और उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।