{"vars":{"id": "130921:5012"}}

जिला अस्पताल में शराब पीने के मामले में एक्शन : लैब टेक्नीशियन होगा समेत पांच पर कार्रवाई

 

वाराणसी। पंडित दीनदयाल जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में कर्मचारियों के शराब पीने का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर लैब टेक्नीशियन जितेंद्र कुमार के निलंबन की संस्तुति की गई है, जबकि चार संविदा कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक Dr. R. S. Ram ने बताया कि मामले की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। निलंबन की संस्तुति से संबंधित पत्र स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दिया गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

कुछ दिन पहले अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। करीब 20-20 सेकेंड के इन वीडियो में लैब के अंदर टेबल पर शराब से भरे गिलास और चखना दिखाई दे रहा था। वीडियो में तीन लोग शराब पीते नजर आ रहे थे, जबकि एक व्यक्ति वीडियो बना रहा था।

वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत जांच समिति गठित कर मामले की जांच शुरू कराई। जांच रिपोर्ट में लैब टेक्नीशियन जितेंद्र कुमार की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई।

तीन संविदा कर्मचारियों को भी हटाया गया

वीडियो में दो अन्य लोग भी दिखाई दे रहे थे, जबकि तीसरा व्यक्ति वीडियो बना रहा था। जांच के बाद अस्पताल प्रशासन ने इन सभी संविदा कर्मचारियों को भी कार्य से हटा दिया।

बताया गया कि सभी लोग उसी जगह शराब पी रहे थे, जहां लैब में जांच से जुड़ी मशीनें रखी हुई थीं। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की है।

क्या है पूरा मामला

वायरल वीडियो में पैथोलॉजी लैब की मशीनें साफ दिखाई दे रही थीं। टेबल पर तीन गिलास में शराब और चखना रखा था। वीडियो में काली शर्ट पहने व्यक्ति की पहचान राजू के रूप में हुई, जो पिछले सात वर्षों से संविदा पर पीओसीटी (POCT) विभाग में तैनात था।

उसके बगल में बैठे व्यक्ति की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई, जो वर्तमान में लैब टेक्नीशियन हैं। बताया जाता है कि वह वर्ष 1994 में वार्ड बॉय के रूप में अस्पताल में नियुक्त हुए थे और बाद में पदोन्नति पाकर लैब टेक्नीशियन बने।

एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति लैब की फ्रिज खोलकर प्लेट में कुछ सामान निकालता दिखाई देता है, जबकि दूसरा व्यक्ति कमरे में सिगरेट जलाता भी नजर आता है।

सीएमएस ने बताया निंदनीय कृत्य

सीएमएस डॉ. आर.एस. राम ने कहा कि यह घटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो उनके अस्पताल में कार्यभार संभालने से पहले का बताया जा रहा है, लेकिन इस तरह की गतिविधि किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कड़ी कार्रवाई की गई है, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

यहां होती हैं जरूरी जांचें

जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में इमरजेंसी और ओपीडी में आने वाले मरीजों की खून से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जांचें की जाती हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के ब्लड सैंपल की जांच भी इसी लैब में होती है।

ऐसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।