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वाराणसी एयरपोर्ट पर फायरिंग के बाद गृह मंत्रालय सख्त, मांगी पूरी रिपोर्ट

 

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 16 अगस्त की सुबह पिस्टल की जांच के दौरान चली गोली के मामले में अब गृह मंत्रालय ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस घटना में एयरपोर्ट के दो कर्मचारी घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में जुटी हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार की जा सकती है। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्रवाई संभव है।

घटना 16 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। आजमगढ़ निवासी और मुंबई में शिवसेना नेता कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ एअर इंडिया एक्सप्रेस की IX-1810 फ्लाइट से मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने अपने लाइसेंसी हथियार को विमान में ले जाने की जानकारी पहले ही घोषित कर दी थी। सुरक्षा जांच के दौरान पिस्टल की जांच की जा रही थी, तभी चैंबर में मौजूद गोली अचानक चल गई और एक राउंड फायर हो गया। गोली पहले फर्श से टकराई और फिर पास खड़ी महिला कर्मचारी सुमन की जांघ में जा लगी, जबकि गोली के छर्रे रोहित राज के हाथ में लगे। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


पिस्टल अंदर तक कैसे पहुंची, जांच में बड़ा सवाल

घटना के बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने कमलेश राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस को उनके पास से पिस्टल के साथ 21 कारतूस मिले। करीब पांच घंटे की पूछताछ के बाद फूलपुर पुलिस उन्हें थाने ले गई।

अब जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि जब यात्री के पास लाइसेंसी हथियार होने की जानकारी पहले से थी, तो शुरुआती सुरक्षा जांच के बाद पिस्टल एयरपोर्ट के अंदर तक किस प्रक्रिया के तहत पहुंची और उसकी जांच के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ।


CCTV फुटेज और कर्मचारियों से पूछताछ

एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता के मुताबिक, घटना के अगले दिन जांच एजेंसियों ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर मामले की पड़ताल की। एयरलाइंस अधिकारियों, एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और घटना से जुड़े अन्य लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके साथ ही CCTV फुटेज भी खंगाली गई।

जांच में यह बात भी सामने आई कि पिस्टल को हैंडल करने के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। CCTV फुटेज में कथित तौर पर यात्री को खुद पिस्टल निकालकर चेक करते हुए देखा गया। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच के दौरान हथियार को संभालने की जिम्मेदारी तय नियमों के मुताबिक सुरक्षाकर्मी की होती है।

हाई अलर्ट के बीच हुई घटना ने बढ़ाई चिंता

एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर वाराणसी एयरपोर्ट को 11 से 20 अगस्त तक हाई अलर्ट पर रखा गया था। ऐसे में एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के बीच हथियार से फायरिंग की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद यह साफ होगा कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

कमलेश राय आजमगढ़ के रहने वाले हैं और मुंबई में शिवसेना से जुड़े नेता बताए जाते हैं। वह मुंबई में पूर्व पार्षद भी रह चुके हैं। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और धनंजय सिंह के साथ तस्वीरें भी मौजूद होने की बात सामने आई है। फिलहाल केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की जांच जारी है।