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लखनऊ अग्निकांड के बाद वाराणसी में फायर विभाग का एक्शन, 5 कोचिंग सेंटरों में छापेमारी, मिली फायर सेफ्टी की खामियां

 

वाराणसी। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद वाराणसी में अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए फायर विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया, जिसमें कई जगहों पर गंभीर कमियां सामने आई हैं।

अग्निशमन विभाग की टीम ने दुर्गाकुंड क्षेत्र स्थित जेआरएस, एल-वन और एलेन कोचिंग सेंटर के अलावा मकबूल आलम रोड पर स्थित आकाश कोचिंग, माइक्रोटेक कोचिंग और जेबीकेबी कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नौ कोचिंग सेंटरों में से पांच में फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां पाई गईं।

निरीक्षण में माइक्रोटेक कोचिंग सेंटर का स्मोक डिटेक्टर क्रियाशील नहीं मिला, जबकि जेबीकेबी कोचिंग सेंटर में केवल अग्निशमन यंत्र ही उपलब्ध था। वहां अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों की कमी पाई गई।

इसके अलावा फायर स्टेशन पिंडरा क्षेत्र की टीम ने बाबतपुर स्थित शिव प्रभा भवन, इसरो सेल स्टडी सेंटर और इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एजुकेशन सहित अन्य संस्थानों की भी जांच की।

कर्मचारियों को नहीं थी फायर उपकरण चलाने की जानकारी

लंका क्षेत्र के कबीरनगर में संचालित कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करते समय फायर टीम ने अग्निशमन यंत्रों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कई संस्थानों में ऐसे कर्मचारी मिले जिन्हें आग लगने की स्थिति में अग्निशमन यंत्रों का उपयोग करना नहीं आता था।

कुछ स्थानों पर जिम्मेदार कर्मचारी अनुपस्थित भी मिले। अधिकारियों ने पाया कि सुरक्षा उपकरण तो मौजूद हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।

कमियों की सूची तैयार, संचालकों को मिलेगा नोटिस

मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा संबंधी कमियां मिली हैं। कुछ जगहों पर अग्निशमन यंत्र और बचाव के अन्य संसाधन तो उपलब्ध थे, लेकिन कर्मचारियों को उनका उपयोग करने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया था।

उन्होंने कहा कि सभी कमियों की सूची तैयार की जा रही है। जिन संस्थानों में खामियां मिली हैं, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे।

फायर विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।