काशी में अहिल्याबाई मूर्ति विवाद गरमाया: संत समाज की नाराजगी, CM योगी करेंगे निरीक्षण
Updated: Jan 17, 2026, 12:36 IST
वाराणसी: काशी के मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई होल्कर की कलाकृति के कथित नुकसान के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। संत समाज की नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम वाराणसी में संत प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री घाट क्षेत्र का निरीक्षण भी कर सकते हैं।
प्रशासन का दावा – मंदिर या मूर्ति नहीं तोड़ी गई
जिला प्रशासन और भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्राचीन मंदिर या प्रतिमा को तोड़ा नहीं गया है। प्रशासन के अनुसार घाट सुंदरीकरण कार्य के दौरान एक मढ़ी की दीवार पर स्थापित कलाकृतियां प्रभावित हुई थीं, जिन्हें संस्कृति विभाग द्वारा सुरक्षित स्थान पर संरक्षित कर लिया गया है। कार्य पूर्ण होने के बाद इन्हें पुनः सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाएगा।
फेसबुक लाइव से शुरू हुआ विवाद
मणिकर्णिका घाट पर कथित मूर्ति क्षति का पहला वीडियो फेसबुक लाइव करने वाले पागल बाबा ने आरोप लगाया कि उनके सामने कलाकृति को तोड़ा जा रहा था और ठेकेदार ने रोकने पर उन्हें हटाया। इसके बाद वीडियो वायरल हुआ, जिससे संत समाज में नाराजगी फैल गई।
विपक्ष पर फर्जी वीडियो फैलाने का आरोप
शहर दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि विपक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए फर्जी वीडियो फैलाकर सनातन आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि सभी प्राचीन मूर्तियां और शिवलिंग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
महापौर का बयान – आस्था से खिलवाड़ नहीं होगा
महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि काशी में किसी भी मंदिर या प्रतिमा को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति सहित सभी कलाकृतियां संरक्षित की गई हैं और विकास कार्य पूर्ण होने के बाद पुनः स्थापित होंगी।
काशी विद्वत परिषद की बैठक
श्रीकाशी विद्वत परिषद ने जिला प्रशासन से संवाद कर स्थिति की जानकारी ली। परिषद ने कहा कि सुंदरीकरण के दौरान प्रभावित कलाकृतियों को यथाविधि पुनर्स्थापित किया जाएगा और भविष्य में धार्मिक स्थलों के विकास में मूल स्वरूप संरक्षण पर विशेष ध्यान रखा जाए।
अहिल्याबाई ट्रस्ट ‘वेट एंड वॉच’ मोड में
इंदौर स्थित खासगी देवी अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट ने जिला प्रशासन को सात दिन का समय दिया है कि खंडित कलाकृतियों के अवशेष ट्रस्ट को सौंपे जाएं। ट्रस्ट ने संकेत दिए हैं कि समयसीमा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
डीएम का आधिकारिक बयान
वाराणसी डीएम ने ट्वीट कर कहा कि सुंदरीकरण क्षेत्र में स्थित मढ़ी और दीवारों पर लगी कुछ कलाकृतियां कार्य के दौरान प्रभावित हुई हैं, लेकिन सभी मूर्तियां और कलाकृतियां संस्कृति विभाग द्वारा सुरक्षित रखी गई हैं। पुनर्निर्माण के बाद इन्हें पूर्व स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाएगा। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।
प्रशासन का दावा – मंदिर या मूर्ति नहीं तोड़ी गई
जिला प्रशासन और भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्राचीन मंदिर या प्रतिमा को तोड़ा नहीं गया है। प्रशासन के अनुसार घाट सुंदरीकरण कार्य के दौरान एक मढ़ी की दीवार पर स्थापित कलाकृतियां प्रभावित हुई थीं, जिन्हें संस्कृति विभाग द्वारा सुरक्षित स्थान पर संरक्षित कर लिया गया है। कार्य पूर्ण होने के बाद इन्हें पुनः सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाएगा।
फेसबुक लाइव से शुरू हुआ विवाद
मणिकर्णिका घाट पर कथित मूर्ति क्षति का पहला वीडियो फेसबुक लाइव करने वाले पागल बाबा ने आरोप लगाया कि उनके सामने कलाकृति को तोड़ा जा रहा था और ठेकेदार ने रोकने पर उन्हें हटाया। इसके बाद वीडियो वायरल हुआ, जिससे संत समाज में नाराजगी फैल गई।
विपक्ष पर फर्जी वीडियो फैलाने का आरोप
शहर दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि विपक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए फर्जी वीडियो फैलाकर सनातन आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि सभी प्राचीन मूर्तियां और शिवलिंग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
महापौर का बयान – आस्था से खिलवाड़ नहीं होगा
महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि काशी में किसी भी मंदिर या प्रतिमा को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति सहित सभी कलाकृतियां संरक्षित की गई हैं और विकास कार्य पूर्ण होने के बाद पुनः स्थापित होंगी।
काशी विद्वत परिषद की बैठक
श्रीकाशी विद्वत परिषद ने जिला प्रशासन से संवाद कर स्थिति की जानकारी ली। परिषद ने कहा कि सुंदरीकरण के दौरान प्रभावित कलाकृतियों को यथाविधि पुनर्स्थापित किया जाएगा और भविष्य में धार्मिक स्थलों के विकास में मूल स्वरूप संरक्षण पर विशेष ध्यान रखा जाए।
अहिल्याबाई ट्रस्ट ‘वेट एंड वॉच’ मोड में
इंदौर स्थित खासगी देवी अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट ने जिला प्रशासन को सात दिन का समय दिया है कि खंडित कलाकृतियों के अवशेष ट्रस्ट को सौंपे जाएं। ट्रस्ट ने संकेत दिए हैं कि समयसीमा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
डीएम का आधिकारिक बयान
वाराणसी डीएम ने ट्वीट कर कहा कि सुंदरीकरण क्षेत्र में स्थित मढ़ी और दीवारों पर लगी कुछ कलाकृतियां कार्य के दौरान प्रभावित हुई हैं, लेकिन सभी मूर्तियां और कलाकृतियां संस्कृति विभाग द्वारा सुरक्षित रखी गई हैं। पुनर्निर्माण के बाद इन्हें पूर्व स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाएगा। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।