काशी के आसमान में दिखेगा वायुसेना का शौर्य, एयर शो से पहले पार्किंग से रूट तक तैयारियों को परखने उतरे अफसर
वाराणसी में प्रस्तावित भव्य एयर शो को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 22, 23 और 25 अक्टूबर को गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के विमान और हेलीकॉप्टर हवाई करतब दिखाएंगे। आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
इसी सिलसिले में शनिवार को वाराणसी और चंदौली के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम से जुड़े इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पार्किंग स्थलों, प्रमुख मार्गों, बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और ट्रैफिक मैनेजमेंट की तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रस्तावित वीआईपी रूट, हेलिपैड और कार्यक्रम स्थल के आसपास की व्यवस्थाओं को भी देखा।
लाखों दर्शकों को संभालने की तैयारी
एयर शो को देखने के लिए गंगा के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है। प्रशासन ने इसी को ध्यान में रखते हुए पार्किंग और भीड़ के आवागमन की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है। नमो घाट के साथ गंगा पार डोमरी और पड़ाव क्षेत्र में भी दर्शकों के लिए व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।
गंगा किनारे भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि दर्शकों की एंट्री से लेकर कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनकी सुरक्षित निकासी तक पूरा प्लान पहले से तैयार रहे।
वाराणसी और चंदौली दोनों तरफ तैयारियां
एयर शो का नजारा गंगा के दोनों किनारों से दिखाई देने की संभावना है। इसलिए वाराणसी के साथ चंदौली प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सक्रिय है। अधिकारियों ने दर्शकों के संभावित स्थानों, पार्किंग, बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था का मौके पर निरीक्षण किया।
प्रशासन की कोशिश है कि एयर शो के दौरान शहर में आने वाली भारी भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। कार्यक्रम को लेकर संबंधित विभागों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब जांच सिर्फ उस दिन कॉकपिट में हुई घटना तक सीमित नहीं है। आरोपी के पुराने रोजगार, ओमान एयर में उसकी भूमिका बदले जाने के दावे, सोशल मीडिया गतिविधियों और फ्लाईदुबई में उसकी नियुक्ति के दौरान हुई पृष्ठभूमि जांच जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने तक इन रिपोर्टों में सामने आए आरोपों और दावों को पुष्ट तथ्य से अलग रखकर देखना महत्वपूर्ण है।