नमो घाट पर दिखेगा वायुसेना का शौर्य, 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान, Air शो के दौरान बंद रहेगा नाव संचालन
वाराणसी। गंगा की लहरों के ऊपर जब लड़ाकू विमान अपनी रफ्तार और ताकत का प्रदर्शन करेंगे, तो काशी का आसमान रोमांच से भर उठेगा। भारतीय वायुसेना के एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगेज’ के लिए वाराणसी तैयार है। नमो घाट पर होने वाले इस भव्य आयोजन में कुल 100 विमानों के हिस्सा लेने की जानकारी दी गई है। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलिकॉप्टर और एक विरासत विमान शामिल हैं। आसमान में विमानों के हैरतअंगेज करतब देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित इस एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के हवाई करतब भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगे।
राफेल, सुखोई और तेजस दिखाएंगे अपनी ताकत
एयर शो में लड़ाकू विमानों की अलग-अलग फॉर्मेशन देखने को मिलेंगी। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस आसमान में अपनी उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130, सी-295, एएन-32 और आईएल-78 जैसे परिवहन एवं सहायक विमान भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
हेलिकॉप्टरों की बात करें तो अपाचे, चिनूक, प्रचंड यानी एलसीएच, एएलएच के विभिन्न संस्करण, चेतक, एमआई-17 वी5 और कामोव-31 अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। सारंग टीम के हेलिकॉप्टरों की सामूहिक उड़ान और सूर्यकिरण टीम के हवाई करतब दर्शकों के रोमांच को और बढ़ाएंगे। इसके अलावा पुराने दौर का हार्वर्ड विमान भी एयर शो में खास आकर्षण रहेगा।
स्वदेशी तेजस का प्रदर्शन रहेगा खास
एयर शो में स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस ‘अस्सी’ नाम की फॉर्मेशन के तहत हवाई करतब दिखाएगा। इस प्रदर्शन के जरिए देश में विकसित लड़ाकू विमान की क्षमता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित किया जाएगा।
वहीं, ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में सी-17 ग्लोबमास्टर विमान सबसे आगे रहेगा, जबकि उसके पीछे सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के नौ हॉक विमान उड़ान भरेंगे। इसके बाद सूर्यकिरण टीम अपने विशेष हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांचित करेगी।
सुरक्षा में 11,900 पुलिसकर्मी
एयर शो में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि आयोजन के दौरान एक साथ करीब 20 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखकर तैयारियां की गई हैं।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 11,900 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पूरे क्षेत्र को 32 जोन में बांटकर निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अलग-अलग घाटों पर अस्थायी थाने बनाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। घाटों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की निगरानी रहेगी। प्रशासन का जोर भीड़ को व्यवस्थित रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक गंगा में नाव संचालन पर रोक
एयर शो के दौरान गंगा में नावों के संचालन को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक आम नावों के संचालन पर रोक रहेगी। इस दौरान केवल जल पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें ही गंगा में नावों का संचालन कर सकेंगी।
यह व्यवस्था नदी में सुरक्षा बनाए रखने और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन ने दर्शकों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और निर्धारित स्थानों से ही एयर शो देखें।
गंगा के ऊपर आधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना, आसमान में शानदार फॉर्मेशन और वायुसेना की एरोबेटिक टीमों के करतब इस आयोजन को खास बनाने वाले हैं। अब काशी की निगाहें नमो घाट पर होने वाले इस भव्य एयर शो पर टिकी हैं।