अक्षय तृतीया से काशी विश्वनाथ धाम में होगा विशेष जलाभिषेक, फव्वारे से बाबा को मिलेगी गर्मी से राहत
वाराणसी: अक्षय तृतीया के पावन अवसर से लेकर श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन तक श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा का विशेष जलाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जब विशेष फव्वारे (रजत जलधारा) के माध्यम से भगवान का अभिषेक किया जाएगा।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा यह खास व्यवस्था की गई है, ताकि बाबा को शीतलता प्रदान की जा सके। यह परंपरा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाई जाएगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी-अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं, जिससे इस तिथि का महत्व और बढ़ जाता है। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो, इसलिए इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल अनंत और स्थायी माना जाता है।
इसी मान्यता के तहत काशी विश्वनाथ धाम में अक्षय तृतीया से जलाभिषेक की यह विशेष परंपरा शुरू होती है, जो श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन तक लगातार चलती है। इस दौरान बाबा के दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।