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वाराणसी में जमीन विवाद पर फायरिंग का आरोप, अधिवक्ताओं का थाने पर हंगामा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत कई पर केस

वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर अधिवक्ता पर फायरिंग का आरोप लगा है। घटना के बाद बड़ी संख्या में वकीलों ने थाने पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख गिरधारी पटेल समेत कई लोगों पर हत्या के प्रयास, रंगदारी और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

 

वाराणसी: लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धनपुर इलाके में रविवार को जमीन विवाद को लेकर जमकर बवाल हो गया। आरोप है कि प्लॉट के रास्ते को लेकर हुए विवाद के दौरान अधिवक्ता पर पिस्टल से फायरिंग की गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता लंका थाने पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

जानकारी के अनुसार सीरगोवर्धनपुर निवासी सुरेंद्र कुमार यादव का काशी पुरम कॉलोनी में एक प्लॉट है। रविवार को वह अपने साथी अधिवक्ता और राजातालाब तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष जैलेन्द्र राय के साथ प्लॉट पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद पूर्व ब्लॉक प्रमुख गिरधारी पटेल निवासी कंचनपुर, मंडुवाडीह अपने सहयोगियों आनंद सिन्हा, अनुराग सिंह, आनंद कुमार, पवन मिश्रा और खुद को अधिवक्ता बताने वाली श्वेता वर्मा के साथ रास्ते पर जाने का विरोध करने लगे।

विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान गिरधारी पटेल ने अपने साथियों के साथ गाली-गलौज करते हुए अधिवक्ताओं को निशाना बनाकर पिस्टल से फायरिंग कर दी। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

फायरिंग की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता लंका थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना पर एडीसीपी और एसीपी भी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझाकर शांत कराया।

थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र कुमार यादव की शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित गिरधारी पटेल पर पहले से ही आठ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लंका क्षेत्र में जमीन विवाद के कई मामलों में उसका और उसके सहयोगियों का नाम सामने आ चुका है। घटना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए विवादित रास्ते पर बनाई जा रही अवैध दीवार को भी गिरा दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।