भगवान राम पर कथित टिप्पणी मामला: राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
Jun 1, 2026, 19:26 IST
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर पुनरीक्षण याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई अपर जिला जज (एमपी-एमएलए) कोर्ट संख्या पंचम में हुई, जहां तीन बार नोटिस जारी होने के बावजूद राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा पुकार लगाए जाने पर भी राहुल गांधी या उनके प्रतिनिधि की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह ने सुनवाई पूरी मानते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए एक कथित बयान से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने न्यूयॉर्क स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम को ‘पौराणिक’ बताया था और रामायण काल से जुड़ी कथाओं को काल्पनिक कहा था।
इसी बयान को लेकर वाराणसी के अधिवक्ता Harishankar Pandey ने अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है।
याचिकाकर्ता ने क्या दलील दी?
अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अदालत में दलील दी कि राहुल गांधी के कथित बयान से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका आरोप है कि भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर राहुल गांधी ने देश की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका
जानकारी के अनुसार, इस मामले में पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत में परिवाद दायर किया गया था। सुनवाई के बाद 12 मई 2025 को अदालत ने परिवाद को निरस्त कर दिया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, जिस पर अब सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अब क्या होगा?
अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं और राहुल गांधी के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं। फिलहाल सभी की नजरें कोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा पुकार लगाए जाने पर भी राहुल गांधी या उनके प्रतिनिधि की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह ने सुनवाई पूरी मानते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए एक कथित बयान से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने न्यूयॉर्क स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम को ‘पौराणिक’ बताया था और रामायण काल से जुड़ी कथाओं को काल्पनिक कहा था।
इसी बयान को लेकर वाराणसी के अधिवक्ता Harishankar Pandey ने अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है।
याचिकाकर्ता ने क्या दलील दी?
अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अदालत में दलील दी कि राहुल गांधी के कथित बयान से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका आरोप है कि भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर राहुल गांधी ने देश की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका
जानकारी के अनुसार, इस मामले में पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत में परिवाद दायर किया गया था। सुनवाई के बाद 12 मई 2025 को अदालत ने परिवाद को निरस्त कर दिया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, जिस पर अब सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अब क्या होगा?
अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं और राहुल गांधी के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं। फिलहाल सभी की नजरें कोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हैं।