स्वर कोकिला आशा भोसले को काशी की गंगा आरती में दी गई श्रद्धांजलि, अर्चकों ने किया दीपदान
वाराणसी: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और बहुमुखी गायिका Asha Bhosle के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। 92 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद काशी में मां गंगा के तट पर विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
गंगा आरती के दौरान अर्चकों ने मां गंगा में दीपदान कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मौजूद श्रद्धालुओं ने 2 मिनट का मौन रखकर महान गायिका को याद किया। पूरा माहौल भावुक हो गया और हर कोई उनके गीतों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित करता नजर आया।
7 दशकों तक संगीत जगत पर रहा राज
समिति के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने कहा कि आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाज से करीब सात दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की और करीब 82 साल के लंबे सफर में 12 हजार से ज्यादा गाने गाए।
संगीत से भरा रहा परिवार
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। उनके पिता Deenanath Mangeshkar एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे। परिवार में शुरू से ही संगीत का माहौल रहा। उनकी बहन Lata Mangeshkar सहित अन्य भाई-बहन भी संगीत की दुनिया से जुड़े रहे।
बचपन में ही झेला संघर्ष
जब आशा भोसले महज 9 साल की थीं, तब 1942 में उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। ऐसे में आशा और लता मंगेशकर ने छोटी उम्र में ही गायन और फिल्मों में काम करना शुरू कर परिवार की जिम्मेदारी संभाली।