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काशी में पूरी हुई सुर साम्राज्ञी आशा भोसले की अंतिम इच्छा : गंगा में प्रवाहित हुई अस्थियां, पोती जनाई हुई भावुक

 
वाराणसी। बॉलीवुड की दिग्गज प्लेबैक सिंगर आशा भोसले की अस्थियां सोमवार को काशी में गंगा नदी में प्रवाहित की गईं। उनके बेटे आनंद भोसले और पोती जनाई अस्सी घाट पहुंचे और नाव से गंगा के बीच जाकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस दौरान जनाई भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि दादी ने जीवनकाल में इच्छा जताई थी कि उनकी अस्थियां काशी में ही विसर्जित हों।

आनंद भोसले ने कहा कि मां जीवन में केवल एक बार काशी आई थीं, लेकिन उनका भगवान शिव से गहरा संबंध था। इसी कारण उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार यहां आया। उन्होंने पिंडदान भी किया।

सुबह पिंडरा विधायक अवधेश सिंह ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर परिवार का स्वागत किया। अस्थि विसर्जन के बाद आनंद और जनाई ने ताज होटल में विश्राम किया और शाम को मुंबई लौट गए।

जनाई ने सोशल मीडिया पर अपनी दादी को याद करते हुए लिखा था कि आशा भोसले उनके लिए सिर्फ एक महान कलाकार नहीं, बल्कि जिंदगी और खुशियों की पहचान थीं। उन्होंने दादी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया और कहा कि अब उन्हें समझ नहीं आता कि सुबह चाय किसके साथ पिएं या मजाक किससे साझा करें।

यह भावुक क्षण काशी में आशा भोसले के संगीत और उनकी अंतिम इच्छा को हमेशा के लिए अमर कर गया।