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वाराणसी में ATS की डॉक्टर के घर छापेमारी : इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त, लैपटॉप-मोबाइल से मिला पाकिस्तानी कनेक्शन

 
वाराणसी: शहर के आदमपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आतंकियों को फंडिंग के शक में एटीएस, मुंबई एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीम ने एक डॉक्टर के घर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई करीब 7 घंटे तक चली, जिसमें कई अहम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।

सूत्रों के अनुसार, टीम ने डॉ. आरिफ अंसारी के घर पहुंचकर उनके मोबाइल, लैपटॉप और प्रिंटर को कब्जे में लिया। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों और खासतौर पर उनके बेटे अबु बकर से लंबी पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि अबु बकर नीट (NEET) की तैयारी कर रहा है और उससे जुड़े कुछ डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

बैंक ट्रांजैक्शन और संदिग्ध कनेक्शन

जांच एजेंसियों को डॉक्टर के बैंक खाते में लाखों रुपये के लेनदेन के सुराग मिले हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के संदिग्ध लोगों और कश्मीर से जुड़े कुछ संगठनों से संपर्क की बात भी सामने आई है। मोबाइल में कई संदिग्ध नंबर सेव पाए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

लखनऊ से जुड़े इनपुट पर कार्रवाई

बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई 10 अप्रैल को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास पकड़े गए 4 संदिग्धों से मिले इनपुट के आधार पर की गई है। इन संदिग्धों के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने की आशंका जताई गई थी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

छापेमारी के दौरान डॉक्टर के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इलाके की गली को पूरी तरह सील कर दिया गया और बाहरी लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई।

पड़ोसियों का अलग दावा

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. अंसारी का परिवार काफी सभ्य और सम्मानित है। पड़ोसियों के मुताबिक, उनका बेटा भी पढ़ाई में तेज और सीधा-सादा लड़का है।

जांच जारी

हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एटीएस और अन्य एजेंसियां जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस, कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।