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कमरे में फंदे से लटका मिला BA छात्र का शव, ‘काशी चाट भंडार’ चलाता था युवक, परिवार में मचा कोहराम
 

 

वाराणसी। धर्म नगरी काशी के शिवपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शीतल नगर (परमानंदपुर) में बीए तृतीय वर्ष के एक छात्र ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पढ़ाई के साथ-साथ ‘काशी चाट भंडार’ नाम से दुकान भी चलाता था। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और इलाके में मातम पसर गया।

सूचना मिलते ही शिवपुर थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल युवक द्वारा यह आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शीतल नगर निवासी गोपाल जायसवाल का 23 वर्षीय छोटा पुत्र अभय जायसवाल चांदमारी पेट्रोल पंप के पास ‘काशी चाट भंडार’ नाम से दुकान चलाता था। वह पढ़ाई में भी होनहार था और ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष का छात्र था।

परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 10 बजे अभय रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौटा था। परिवार के साथ सामान्य रूप से भोजन करने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। कमरे में जाते समय उसने खिड़की को थोड़ा खुला छोड़ दिया था और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था।

बुधवार सुबह करीब 8 बजे तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई। कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिवार वालों ने अधखुली खिड़की से अंदर झांका तो उनके होश उड़ गए। अभय का शव छत के पंखे से चादर के सहारे लटक रहा था। यह दृश्य देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई।

घटना की सूचना तुरंत अभय के बड़े भाई प्रभात जायसवाल को दी गई, जो पुलिस विभाग में तैनात हैं और वर्तमान में ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा ड्यूटी में लगे हुए हैं। उनके घर पहुंचने के बाद पुलिस की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और शव को नीचे उतारा गया।

पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटनास्थल की गहन जांच की गई है। युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

मृतक अभय दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद मां विद्या देवी, पिता गोपाल जायसवाल समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।