दिल्ली पब्लिक स्कूल प्रधानाध्यापक बनकर 2 ट्राली ईंटें मंगवाईं... OTP बताते ही खाते से उड़ाए 89,499 रुपये
वाराणसी। साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक जालसाज ने खुद को दिल्ली पब्लिक स्कूल का प्रधानाध्यापक बताकर एक व्यक्ति से दो ट्राली ईंटें मंगवाईं। इसके बाद भुगतान करने के बहाने ओटीपी (OTP) हासिल कर उसके बैंक खाते से 89,499 रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर शिवपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रधानाध्यापक बनकर किया फोन, स्कूल परिसर में मंगवाईं दो ट्राली ईंटें
शिवपुर कोट निवासी आदित्य नारायण मौर्या ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पब्लिक स्कूल का प्रधानाध्यापक बताते हुए स्कूल परिसर में दो ट्राली ईंटें भिजवाने को कहा।
आरोपी की बातों पर विश्वास कर आदित्य नारायण मौर्या ने दो ट्राली ईंटें स्कूल परिसर में भिजवा दीं। इसके बाद जब उन्होंने भुगतान के लिए फोन किया तो कथित प्रधानाध्यापक ने उनसे व्हाट्सएप पर भुगतान का क्यूआर कोड (QR Code) भेजने को कहा।
पीड़ित ने व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भेज दिया। इसके बाद उनके खाते में महज एक रुपये ट्रांसफर किए गए। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि शेष रकम भी जल्द भेज दी जाएगी।
सरकारी भुगतान का झांसा देकर हासिल किया OTP
पीड़ित के अनुसार, कुछ देर बाद आरोपी ने दोबारा फोन किया और कहा कि ईंटों का भुगतान सरकारी खाते से किया जा रहा है। इसके लिए उनके मोबाइल पर आया ओटीपी बताना होगा।
आरोपी की बातों में आकर आदित्य नारायण मौर्या ने ओटीपी साझा कर दिया। इसके तुरंत बाद उनके बैंक खाते से लगातार तीन बार में रकम कटने के संदेश आने लगे।
पहले 16,499 रुपये, फिर 33,000 रुपये और तीसरी बार 40,000 रुपये खाते से निकल गए। इस तरह साइबर ठग ने कुल 89,499 रुपये की चपत लगा दी।
शिवपुर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
बैंक खाते से रकम कटने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने शिवपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब आरोपी की पहचान और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें सावधानी
यह मामला ऑनलाइन भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत को भी उजागर करता है। साइबर अपराधी अक्सर भुगतान भेजने या सरकारी प्रक्रिया का हवाला देकर लोगों से ओटीपी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
ध्यान रखें कि सामान्य तौर पर यूपीआई से भुगतान प्राप्त करने के लिए ओटीपी या यूपीआई पिन बताने की आवश्यकता नहीं होती। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।