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2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ी जाती थी, पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर बोले CM योगी
 

 

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों और अधिकारियों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही स्वस्थ चिंतन और समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “एक बंद चैंबर में बैठकर चिंतन करना अलग विषय है। वहां किसी पर कोई टिप्पणी की जा सकती है, लेकिन उस बंद चैंबर में भी चिंतन तभी संभव है, जब बाहर सुरक्षित और सुखद माहौल हो।”

उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो या उसे अपने पद का कितना भी गुरूर क्यों न हो, यदि उसकी सुरक्षा हटा दी जाए तो अराजक माहौल में उसे “भीगी बिल्ली” बनने में देर नहीं लगेगी।

योगी ने कहा कि “आपकी सुरक्षा-हमारा संकल्प” उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली का प्रमुख संदेश है। सुरक्षित माहौल में ही समाज और राज्य के विकास की योजनाओं को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।

‘2017 से पहले यूपी वाला कहकर बाहर कर दिया जाता था’

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि शॉर्टकट का रास्ता हमेशा दुर्गति का कारण बनता है और व्यक्ति तथा व्यवस्था के सामने पहचान का संकट खड़ा करता है।

उन्होंने कहा, “2017 से पहले उत्तर प्रदेश की क्या स्थिति थी? यूपी वाला कहकर लोगों को पहले ही बाहर कर दिया जाता था। जब राजनीतिक नेतृत्व में स्वयं निर्णय लेने की क्षमता न हो और उसकी अपनी रीढ़ टेढ़ी हो, तो वह कानून-व्यवस्था की रीढ़ कैसे सीधी कर सकता है?”

सीएम योगी ने कहा कि उस दौर में माफिया के सामने व्यवस्था कमजोर दिखाई देती थी। प्रदेश के कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और पुलिस दबाव में काम करती थी। पुलिसकर्मियों के आवास से लेकर प्रशिक्षण तक की व्यवस्थाएं भी कमजोर थीं।

शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार को भी नमन किया। उनकी पत्नी मुनेश देवी को नकद धनराशि और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान चार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में अदम्य साहस का परिचय दिया था। कर्तव्य निर्वहन के दौरान वह वीरगति को प्राप्त हुए थे।

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस इंटरसेप्टर वाहनों का भी शुभारंभ किया।

गणतंत्र दिवस 2025 पर घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मी

गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर देवदत्त सिंह, राजन कुमार, रितुल कुमार वर्मा, आईपीएस निपुण अग्रवाल, स्वतंत्र कुमार सिंह, मुन्ने सिंह, नीरज कुमार पाल, आईपीएस अशोक कुमार मीणा, कुलदीप कुमार, गीतेश कपिल, प्रवीण अहलावत, अमित, अंगद सिंह यादव, डॉ. दीक्षा शर्मा, संदीप कुमार और रिपुदमन सिंह को वीरता पदक दिए जाने की घोषणा की गई थी।

गणतंत्र दिवस 2026 पर घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मी

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर धर्मेंद्र सिंह राठौर, केशव शांडिल्य, राहुल कुमार, अजय कुमार वर्मा, घनश्याम यादव, अवनीश कुमार त्यागी, अमित त्रिपाठी, अमित, मनीष बिष्ट और रणधीर सिंह को वीरता पदक के लिए चुना गया था।