देश का पहला पूर्ण डिजिटल लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर बना BHU, OPD का रिकॉर्ड हुआ डिजिटल
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के ट्रॉमा सेंटर ने स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ओपीडी में इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) प्रणाली पूरी तरह लागू कर दी है। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर देश का पहला लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर बन गया है, जिसने मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल कर दिया है।
ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में रोजाना वाराणसी के साथ-साथ गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, चंदौली, मिर्जापुर जैसे पड़ोसी जिलों के अलावा बिहार और झारखंड से भी लगभग एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अब इन मरीजों को फाइलें, पुरानी पर्चियां और रिपोर्ट संभालने की कोई जरूरत नहीं रहेगी। उनका पूरा इतिहास डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध हो जाएगा।
ईएमआर लागू होने से डॉक्टर मरीजों की जांच रिपोर्ट, दवाइयां, सर्जरी नोट्स और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर सकेंगे। इससे फॉलो-अप आसान हो जाएगा, दवाइयों की दोहराव की गलती कम होगी और पुराने रिकॉर्ड तक तत्काल पहुंच संभव हो सकेगी। परिणामस्वरूप इलाज की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
अस्पताल प्रशासन के लिए भी यह व्यवस्था वरदान साबित होगी। कागजी कार्यवाही में भारी कमी आएगी, समय की बचत होगी और रिकॉर्ड में सटीकता बढ़ेगी। ट्रॉमा सेंटर के निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने इसे मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा की दिशा में बड़ा कदम बताया है।