BHU फायरिंग कांड: 5 आरोपी फरार घोषित, हर एक पर 25-25 हजार का इनाम
Mar 2, 2026, 09:42 IST
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बिरला-ए हॉस्टल के पास 21 फरवरी को हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। छात्र रौशन कुमार पर तीन नकाबपोश युवकों द्वारा की गई फायरिंग के मामले में नामजद पांच आरोपियों को वांछित घोषित करते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
डीसीपी काशी जोन का सख्त संदेश
डीसीपी काशी जोन ने पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को फरार घोषित किया है। जारी पत्र में अपील की गई है कि इन कुख्यात आरोपियों के संबंध में किसी को भी सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
डीसीपी ने बताया कि 21 फरवरी को बीएचयू परिसर में दो गुटों के बीच मारपीट और फायरिंग की सूचना पर एसीपी गौरव कुमार के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। उस समय छात्रों को आश्वस्त कर जाम और धरना समाप्त कराया गया था।
लंका थाने में दर्ज है मुकदमा
पीड़ित छात्र की तहरीर के आधार पर लंका थाना में मुकदमा अपराध संख्या 101/26 के तहत धारा 109(1) और 61(1) 2A में केस दर्ज किया गया। पांच लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से तीन मौके पर मौजूद बताए गए, जबकि दो पर साजिश रचने का आरोप है।
जांच के बाद तपस राय (भभुआ, बिहार), अभिषेक उपाध्याय (कैमूर, बिहार), पीयूष कुमार (रोहतास, बिहार), ऋषभ राय (कैमूर, बिहार) और क्षितिज उपाध्याय (रोहतास, बिहार) को फरार घोषित कर प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
पीड़ित छात्र रौशन कुमार ने प्रॉक्टर कार्यालय में शिकायत दी थी कि वह बिरला छात्रावास के बाहर खड़ा था, तभी डालमिया हॉस्टल की ओर से पल्सर बाइक पर सवार तीन छात्र आए और उसे निशाना बनाकर चार राउंड फायरिंग कर दी। घटना के बाद पूरे परिसर की घेराबंदी की गई, लेकिन हमलावर भागने में सफल रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन भी सख्त
बीएचयू प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति फायरिंग में शामिल छात्रों की पहचान करेगी और सुरक्षा में हुई चूक की रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर छात्रों को डिबार किया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन भी अलग से एफआईआर दर्ज कराएगा।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
घटना के बाद बिरला-ए हॉस्टल लेन और धन्वंतरि छात्रावास क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और ‘पैनिक बटन’ तकनीक की शुरुआत की गई है। प्रमुख चौराहों पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि बाहरी तत्वों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि घटना की गहन जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
डीसीपी काशी जोन का सख्त संदेश
डीसीपी काशी जोन ने पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को फरार घोषित किया है। जारी पत्र में अपील की गई है कि इन कुख्यात आरोपियों के संबंध में किसी को भी सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
डीसीपी ने बताया कि 21 फरवरी को बीएचयू परिसर में दो गुटों के बीच मारपीट और फायरिंग की सूचना पर एसीपी गौरव कुमार के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। उस समय छात्रों को आश्वस्त कर जाम और धरना समाप्त कराया गया था।
लंका थाने में दर्ज है मुकदमा
पीड़ित छात्र की तहरीर के आधार पर लंका थाना में मुकदमा अपराध संख्या 101/26 के तहत धारा 109(1) और 61(1) 2A में केस दर्ज किया गया। पांच लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से तीन मौके पर मौजूद बताए गए, जबकि दो पर साजिश रचने का आरोप है।
जांच के बाद तपस राय (भभुआ, बिहार), अभिषेक उपाध्याय (कैमूर, बिहार), पीयूष कुमार (रोहतास, बिहार), ऋषभ राय (कैमूर, बिहार) और क्षितिज उपाध्याय (रोहतास, बिहार) को फरार घोषित कर प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
पीड़ित छात्र रौशन कुमार ने प्रॉक्टर कार्यालय में शिकायत दी थी कि वह बिरला छात्रावास के बाहर खड़ा था, तभी डालमिया हॉस्टल की ओर से पल्सर बाइक पर सवार तीन छात्र आए और उसे निशाना बनाकर चार राउंड फायरिंग कर दी। घटना के बाद पूरे परिसर की घेराबंदी की गई, लेकिन हमलावर भागने में सफल रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन भी सख्त
बीएचयू प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति फायरिंग में शामिल छात्रों की पहचान करेगी और सुरक्षा में हुई चूक की रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर छात्रों को डिबार किया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन भी अलग से एफआईआर दर्ज कराएगा।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
घटना के बाद बिरला-ए हॉस्टल लेन और धन्वंतरि छात्रावास क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और ‘पैनिक बटन’ तकनीक की शुरुआत की गई है। प्रमुख चौराहों पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि बाहरी तत्वों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि घटना की गहन जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।