BHU के MCH विंग में टकराव: MS और विभागाध्यक्ष आमने-सामने, जांच कक्ष खाली कराने को लेकर गरमाया माहौल
वाराणसी के BHU अस्पताल के MCH विंग में जांच केंद्र हटाने को लेकर विवाद हो गया। विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता राय ने MS डॉ. केके गुप्ता पर जांच किट फिंकवाने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। वहीं MS ने कहा कि कमरा फार्मेसी के लिए निर्धारित था और नियम अनुसार खाली कराया गया।
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) अस्पताल के एमसीएच विंग में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) प्रोफेसर डॉ. केके गुप्ता पर जांच काउंटर से हेपेटाइटिस और एचआईवी जांच किट सहित अन्य जरूरी सामान बाहर फिंकवाने का आरोप लगा।
घटना के समय स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर संगीता राय ओपीडी में गर्भवती महिलाओं का इलाज कर रही थीं। आरोप है कि दोपहर करीब 2:30 बजे डॉ. केके गुप्ता 5-6 कर्मचारियों के साथ पहुंचे और जांच काउंटर खाली कराने का निर्देश दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने जांच किट, फाइलें, उपकरण और कुर्सियां तक बाहर निकाल दीं।
विभागाध्यक्ष ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
प्रो. संगीता राय ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और मामले की शिकायत आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार से की है। उनका कहना है कि यह जांच केंद्र गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए संचालित किया जा रहा था और इस तरह से जांच सामग्री हटाना बेहद निंदनीय है।
उन्होंने विवाद से जुड़ा वीडियो आईएमएस के विभागाध्यक्षों के ग्रुप में भी साझा किया, हालांकि बाद में एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुरोध पर वीडियो हटा दिया गया।
फार्मेसी खोलने की चर्चा
अस्पताल परिसर में चर्चा है कि जिस स्थान पर जांच केंद्र चल रहा था, वहां फार्मेसी खोलने की योजना है। बताया जा रहा है कि यह स्थान पहले से फार्मेसी के लिए निर्धारित था।
MS ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित कमरा पहले से फार्मेसी के लिए निर्धारित था। उनके अनुसार, स्त्री रोग विभाग द्वारा ताला तोड़कर वहां जांच केंद्र संचालित किया जा रहा था और कई बार कमरा खाली करने के लिए कहा गया था। उसी के तहत कमरे को खाली कराया गया है। फिलहाल, इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में प्रशासनिक विवाद को लेकर माहौल गरमा गया है।