BHU अस्पताल में पहली बार रोबोटिक सर्जरी तकनीक, सर्जरी वाले मरीजों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज
IMS-BHU में अत्याधुनिक ‘Da Vinci Xi’ रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित किया गया। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इस तकनीक से जटिल सर्जरी अधिक सुरक्षित और सटीक होंगी, जिससे कई विभागों के मरीजों को लाभ मिलेगा।
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) में सोमवार को अत्याधुनिक ‘दा विंची शी (Da Vinci Xi) रोबोटिक सर्जरी सिस्टम’ स्थापित किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कार्यक्रम का अवलोकन किया और विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी तकनीक की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।
यह अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम एक विशेष मोबाइल यूनिट में स्थापित किया गया है, जिसे मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में सबसे उन्नत तकनीकों में शामिल किया जाता है। कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने स्वयं सर्जन कंसोल पर बैठकर हाई-डेफिनिशन 3D विजुअलाइज़ेशन, रोबोटिक भुजाओं की अत्यंत सूक्ष्म व सटीक गतिविधियों तथा आधुनिक सर्जिकल उपकरणों की कार्यक्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव किया।
मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस अवसर पर IMS-BHU के निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार भी कुलपति के साथ मौजूद रहे। कुलपति ने इस शैक्षणिक और व्यावहारिक कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा का अभिन्न हिस्सा बनती जा रही है, जिससे जटिल शल्य क्रियाओं को अधिक सुरक्षित, सटीक और रोगी-अनुकूल बनाया जा सकता है।
इन विभागों के मरीजों को मिलेगा लाभ
‘दा विंची शी’ रोबोटिक सिस्टम से प्रशिक्षित होने वाले कुशल सर्जनों का लाभ यूरोलॉजी, स्त्री रोग, जनरल सर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के साथ-साथ सिर और गर्दन की सर्जरी कराने वाले मरीजों को मिलेगा। इन विभागों के सर्जन अब रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी के लिए आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक कौशल से लैस होंगे।