दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BHU के छात्र सड़कों पर, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के बाहर छात्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और बड़ी संख्या में प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई।
शाम करीब 5 बजे आइशा और भगतसिंह छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में विरोध सभा आयोजित की गई। सभा में शामिल छात्रों ने केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा पेपर लीक मामले और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
सभा समाप्त होने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि, प्राक्टोरियल बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद छात्र वहीं जमीन पर बैठ गए और शांतिपूर्ण ढंग से धरना जारी रखा।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें बार-बार रोकने का प्रयास कर रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा गया है।