MSME दिवस पर वाराणसी को बड़ी सौगात, डीएम ने की प्लेटेड फैक्ट्री योजना की घोषणा, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी प्रस्तावित
वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर वाराणसी के लघु और मध्यम उद्यमियों को बड़ी सौगात मिली है। कलेक्ट्रेट प्रशासन ने शहर में छोटे उद्योगों को नई गति देने के लिए प्लेटेड फैक्ट्री योजना और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है। यह घोषणा शनिवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के समारोह में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने की।
चांदपुर और बाबतपुर में विकसित होंगी नई प्लेटेड फैक्ट्रियां
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में लघु उद्यमियों को बेहतर औद्योगिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चांदपुर में दो और बाबतपुर के निकट एक प्लेटेड फैक्ट्री स्थापित करने की योजना तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही उद्योगों के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे भविष्य में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
12 उद्यमियों को मिला 'उद्यम रत्न' सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आए 12 उत्कृष्ट उद्यमियों को 'उद्यम रत्न' सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित उद्यमियों के योगदान को सराहते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय उद्योगों की मजबूती ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करेगी।
पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में MSME की अहम भूमिका
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और प्रधानमंत्री के पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में एमएसएमई क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग देश में रोजगार सृजन, उत्पादन क्षमता और निर्यात को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
50 से अधिक चैप्टर और 2500 से ज्यादा सदस्य
आईआईए की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य राजेश भाटिया ने बताया कि इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली सहित कई राज्यों में 50 से अधिक चैप्टर संचालित कर रहा है। संगठन से वर्तमान में 2500 से अधिक उद्योगपति और उद्यमी जुड़े हुए हैं।
उद्योगों से जुड़ी योजनाओं और कानूनों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में जीएसटी विभाग के अपर आयुक्त श्याम सुंदर तिवारी ने उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
उप श्रमायुक्त डॉ. महेश पांडे ने नए श्रम कानूनों के तहत लागू चार श्रम संहिताओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं भारत सरकार के एमएसएमई विभाग के उपनिदेशक एल.बी.एस. यादव ने केंद्र सरकार की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं और उनके लाभों पर प्रकाश डाला।
लघु उद्योग भारती ने भी किया विशेष आयोजन
अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर एमएसएमई चांदपुर और लघु उद्योग भारती की ओर से भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र भारत की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार है और सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इसे लगातार नई ऊर्जा मिल रही है।
बड़ी संख्या में अधिकारी और उद्योगपति रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन नीरज पारीक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंकज अग्रवाल ने दिया। समारोह में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शोभित सिंगल, मुख्य अभियंता विद्युत ए.के. वर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति और उद्यमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।