{"vars":{"id": "130921:5012"}}

सोलर लगवाने वालों के लिए बड़ी खबर! हाइब्रिड सिस्टम पर भी मिलेगी सब्सिडी, जानें कितना होगा फायदा

 

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब योजना के तहत हाइब्रिड सोलर संयंत्र लगवाने पर भी सब्सिडी का लाभ मिलेगा। पहले हाइब्रिड सिस्टम में बैटरी और विशेष इन्वर्टर लगे होने के कारण इसे महंगा और लग्जरी विकल्प माना जाता था, इसलिए इस पर सब्सिडी नहीं दी जाती थी।

तीन किलोवाट तक का सामान्य सोलर संयंत्र लगाने में करीब दो लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। अब हाइब्रिड सोलर सिस्टम को भी इस योजना के दायरे में लाने से उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

शाम के समय ग्रिड पर कम होगा दबाव

नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी एसके गुप्ता के मुताबिक हाइब्रिड सोलर संयंत्र में विशेष इन्वर्टर के साथ बैटरी भी जुड़ी होती है। दिन के समय सोलर पैनल से पर्याप्त बिजली बनने पर घर के उपकरण इसी बिजली से चलते हैं। जरूरत से ज्यादा बिजली ग्रिड को भेजी जा सकती है।

शाम होते ही जब सोलर पैनल से बिजली का उत्पादन कम या बंद हो जाता है, तब बैटरी में स्टोर बिजली घर के काम आती है। इससे शाम के समय अचानक ग्रिड पर बिजली की मांग बढ़ने का दबाव कम किया जा सकता है।

क्या है हाइब्रिड इन्वर्टर की खासियत?

सामान्य सोलर इन्वर्टर में दिन के समय सौर ऊर्जा से बिजली बनाकर उसका इस्तेमाल किया जाता है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जाती है। लेकिन शाम या रात में सोलर उत्पादन बंद होने पर घर को फिर ग्रिड की बिजली पर निर्भर रहना पड़ता है।

वहीं, हाइब्रिड इन्वर्टर बैटरी के साथ काम करता है। दिन में सोलर ऊर्जा से घर के उपकरण चलाने के साथ अतिरिक्त बिजली बैटरी में स्टोर की जा सकती है। शाम को सोलर उत्पादन बंद होने के बाद यही बैटरी घर को बिजली उपलब्ध कराती है। बैटरी खत्म होने पर सिस्टम अपने आप ग्रिड से जुड़कर बिजली सप्लाई शुरू कर देता है।

सरकार का मानना है कि हाइब्रिड सिस्टम को बढ़ावा मिलने से न सिर्फ उपभोक्ताओं को बैकअप बिजली का फायदा मिलेगा, बल्कि शाम के समय बिजली के ग्रिड पर अचानक बढ़ने वाले लोड को कम करने में भी मदद मिलेगी।