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वाराणसी में बोले BJP OBC मोर्चा अध्यक्ष- कांग्रेस ने 55 साल OBC को उसका हक नहीं लेने दिया

 

वाराणसी: भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि जनगणना में जाति आधारित आंकड़े शामिल करना स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा सामाजिक सुधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओबीसी समाज की दशकों पुरानी मांग को पूरा कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।

रविवार को वाराणसी पहुंचने पर एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद कांग्रेस ने जानबूझकर जाति आधारित जनगणना को रोका और ओबीसी आरक्षण की राह में बाधाएं खड़ी की।

उन्होंने बताया कि 1953 में गठित काका कालेलकर आयोग ने ओबीसी जनगणना और आरक्षण का प्रस्ताव दिया था, लेकिन संसद में इस पर चर्चा तक नहीं होने दी गई। ब्रिटिश शासन में हर दस साल पर जातिगत जनगणना होती थी और 1931 में आखिरी बार यह प्रक्रिया पूरी हुई। आज़ादी के बाद कांग्रेस सरकार ने कानून संशोधित कर जनगणना से जाति का कॉलम ही हटा दिया।

डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि “नेहरू और इंदिरा दोनों ने OBC आरक्षण का विरोध किया। वहीं राहुल गांधी कहते हैं कि मोदी तीसरी बार आए तो आरक्षण खत्म कर देंगे, जबकि हकीकत यह है कि कांग्रेस ने 55 साल तक OBC को उसका हक नहीं लेने दिया। उन्होंने सपा और राजद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 10 साल UPA सरकार को इन दलों का समर्थन मिला, फिर भी OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया गया। यदि इन दलों को वास्तव में ओबीसी हितों की चिंता थी, तो उन्होंने यह कदम क्यों नहीं उठाया?

इस दौरान भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, ज्योति सोनी, संतोष सोलापुरकर और शैलेन्द्र मिश्रा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।