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मंत्री रवीन्द्र जायसवाल विवाद ने पकड़ा तूल, BJP ने किया विरोध प्रदर्शन, अखिलेश यादव का फूंका पुतला

वाराणसी में मंत्री रविन्द्र जायसवाल के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट गेट पर अखिलेश यादव का प्रतीकात्मक पुतला फूंका गया और सपा पर मंत्री के अपमान का आरोप लगाया गया। भाजपा नेताओं ने राम मंदिर और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर भी सपा पर निशाना साधा।
 

वाराणसी: राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल के बयान को लेकर छिड़ा विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शन के अगले ही दिन शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंत्री के समर्थन में सड़क पर उतर आए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाराणसी कलेक्ट्रेट गेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।

कलेक्ट्रेट गेट पर रोका गया भाजपा कार्यकर्ताओं का मार्च

भाजपा कार्यकर्ता मंत्री रवीन्द्र जायसवाल के समर्थन में जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन की पहले से सूचना होने के चलते प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। प्रदर्शनकारी गेट के भीतर जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने मुख्य प्रवेश द्वार नहीं खोला। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने गेट के बाहर ही विरोध प्रदर्शन किया और अखिलेश यादव का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

सपा के प्रदर्शन के बाद BJP का पलटवार

यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंदौली दौरे के दौरान मंत्री रवीन्द्र जायसवाल द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया था। सपा ने मंत्री पर अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। इसके जवाब में भाजपा ने इसे राजनीतिक दुर्भावना करार देते हुए मंत्री के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित किया।

राकेश सिंह अलगू बोले- मंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के सभापति राकेश सिंह अलगू ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंत्री रवीन्द्र जायसवाल के चित्र पर थूककर और अभद्र व्यवहार कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। उन्होंने इसे सपा की "तुच्छ मानसिकता" का परिचायक बताते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ऐसे व्यवहार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।

महिला भाजपा नेताओं ने भी साधा सपा पर निशाना

भाजपा की शक्ति संयोजक नीलम चौबे और वंदना श्रीवास्तव ने भी समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ताओं द्वारा मंत्री के चित्र पर जूता मारना और अपमानजनक व्यवहार करना लोकतांत्रिक राजनीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार अयोध्या के श्रीराम मंदिर को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर को लेकर लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद में सपा से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई आधिकारिक दस्तावेज या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की।

बयानबाजी से गरमाई प्रदेश की राजनीति

रवीन्द्र जायसवाल के बयान के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में यह विवाद अब स्थानीय स्तर से निकलकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस का विषय बनता दिखाई दे रहा है। यदि दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।