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काशी से BJP ने शुरू किया 'समरसता संकल्प अभियान', CM योगी ने विपक्षियों को घेरा, बोले- समाज को बांटने वालों के आदर्श बाबर-औरंगजेब

 

वाराणसी। संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को वाराणसी से ‘समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। सीरगोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, वे कभी संतों के विचारों को स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में विभाजन पैदा करने वालों के आदर्श बाबर और औरंगजेब जैसे शासक रहे हैं, जबकि संतों ने हमेशा समाज को जोड़ने और समरसता का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने संत रविदास नगर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान पड़ोसी जिले संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संतों और महापुरुषों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है और जिले का नाम दोबारा संत रविदास नगर किए जाने का प्रयास किया जाएगा।


पूरी काशी को सजाया गया

कार्यक्रम को लेकर वाराणसी में विशेष तैयारियां की गईं। प्रमुख चौराहों, सड़कों और कार्यक्रम स्थलों को होर्डिंग, स्वागत द्वार और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। सीरगोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया गया, जबकि बीएचयू गेट पर स्थित महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया।

इस आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और भाजपा के 12 प्रदेश मंत्रियों सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा ने इस अभियान के जरिए सामाजिक समरसता और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।