गंगा में बढ़ा जलस्तर, वाराणसी में नाव संचालन बंद; घाटों के बीच संपर्क टूटा
वाराणसी। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार, 10 अगस्त की सुबह 8 बजे तक वाराणसी में गंगा का जलस्तर 63.76 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे से जलस्तर स्थिर बना हुआ है। जलस्तर के स्थिर होने के बावजूद प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।
श्रावण माह के द्वितीय सोमवार पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए गंगा घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा कारणों से एक दिन पहले ही नावों का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
जल पुलिस प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल पुलिस के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घाटों पर लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं।
जिन स्थानों पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे हैं या गंगाजल भर रहे हैं, वहां सुरक्षा के लिए नावों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग को मजबूत करने के साथ पुलिसकर्मी भी लगातार श्रद्धालुओं को सुरक्षित दायरे में रहने की हिदायत दे रहे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बैरिकेडिंग से आगे जाकर गहरे पानी में न उतरें और पुलिस एवं जल पुलिस के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर स्थिर होने के बावजूद किसी भी तरह की लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है।
फिलहाल गंगा का जलस्तर स्थिर है, लेकिन प्रशासन ने संभावित बाढ़ और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती के साथ लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है।