UP को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य पर वाराणसी में मंथन, बोले मंत्री सुरेश खन्ना- सभी विभाग करें प्रयास
Jun 13, 2026, 18:43 IST
वाराणसी। प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में जनपद की विकास परियोजनाओं और उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिले की आर्थिक प्रगति, निवेश, रोजगार सृजन और विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर तीनों क्षेत्रों में तेज गति से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीडीपी को लगभग तीन गुना तक बढ़ाने के लिए समयबद्ध और बिंदुवार कार्ययोजना तैयार करनी होगी। लगातार मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय ही इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।
वाराणसी की जीडीपी बढ़ाने पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि वर्ष 2026 के अनुमान के अनुसार वाराणसी की आबादी 44.10 लाख है। जिले की वर्तमान जीडीपी 56,900 करोड़ रुपये है और इसकी वार्षिक विकास दर 10.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। राज्य की जीडीपी में वाराणसी का योगदान 1.88 प्रतिशत है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) का योगदान सबसे अधिक 66.90 प्रतिशत है। वर्तमान में यह क्षेत्र लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का है, जिसे बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यटन बना विकास का बड़ा आधार
बैठक में बताया गया कि वाराणसी में पर्यटन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्ष 2024-25 में जहां करीब 8 करोड़ पर्यटक काशी पहुंचे थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 17 करोड़ तक पहुंच गई है। पर्यटन नीति के तहत 4017 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित हैं और होटल उद्योग में 66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में वाराणसी में 1411 होटल संचालित हैं।
कृषि और पशुपालन पर विशेष फोकस
प्रभारी मंत्री ने कृषि क्षेत्र में अधिक प्रयास करने की जरूरत बताते हुए कृषि विभाग को उत्पादकता बढ़ाने, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रयास कर जीडीपी में इनके योगदान को बढ़ाया जाए।
उन्होंने पशुओं की नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान योजना को बढ़ावा देने, दुग्ध संग्रहण केंद्रों की संख्या बढ़ाने, पोल्ट्री फार्म और बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
एमएसएमई और रोजगार पर सरकार का जोर
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 1.30 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनमें करीब 19,992 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 5.81 लाख लोगों को रोजगार मिला है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार सृजन है और सभी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाकर युवाओं को अधिक से अधिक लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
बैठक में एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायकगण, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर तीनों क्षेत्रों में तेज गति से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीडीपी को लगभग तीन गुना तक बढ़ाने के लिए समयबद्ध और बिंदुवार कार्ययोजना तैयार करनी होगी। लगातार मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय ही इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।
वाराणसी की जीडीपी बढ़ाने पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि वर्ष 2026 के अनुमान के अनुसार वाराणसी की आबादी 44.10 लाख है। जिले की वर्तमान जीडीपी 56,900 करोड़ रुपये है और इसकी वार्षिक विकास दर 10.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। राज्य की जीडीपी में वाराणसी का योगदान 1.88 प्रतिशत है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) का योगदान सबसे अधिक 66.90 प्रतिशत है। वर्तमान में यह क्षेत्र लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का है, जिसे बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यटन बना विकास का बड़ा आधार
बैठक में बताया गया कि वाराणसी में पर्यटन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्ष 2024-25 में जहां करीब 8 करोड़ पर्यटक काशी पहुंचे थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 17 करोड़ तक पहुंच गई है। पर्यटन नीति के तहत 4017 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित हैं और होटल उद्योग में 66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में वाराणसी में 1411 होटल संचालित हैं।
कृषि और पशुपालन पर विशेष फोकस
प्रभारी मंत्री ने कृषि क्षेत्र में अधिक प्रयास करने की जरूरत बताते हुए कृषि विभाग को उत्पादकता बढ़ाने, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रयास कर जीडीपी में इनके योगदान को बढ़ाया जाए।
उन्होंने पशुओं की नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान योजना को बढ़ावा देने, दुग्ध संग्रहण केंद्रों की संख्या बढ़ाने, पोल्ट्री फार्म और बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
एमएसएमई और रोजगार पर सरकार का जोर
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 1.30 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनमें करीब 19,992 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 5.81 लाख लोगों को रोजगार मिला है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार सृजन है और सभी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाकर युवाओं को अधिक से अधिक लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
बैठक में एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायकगण, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।