{"vars":{"id": "130921:5012"}}

CBSE छात्रों के लिए जरूरी खबर: नाम या विषय में गलती पड़ सकती है महंगी, लगेगा 1600 रुपये शुल्क

CBSE Board Exam 2027 के लिए विद्यार्थियों की नामावली (LOC) जमा करने की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर है। नाम, जन्मतिथि, विषय या अन्य विवरण में संशोधन कराने पर 1600 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। जानिए विद्यालयों और छात्रों को LOC जमा करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

 

वाराणसी। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को नामावली (LOC) में दर्ज जानकारी भरते समय सावधानी बरतनी होगी। नाम, जन्मतिथि, विषय या अन्य शैक्षणिक विवरण में गलती होने पर संशोधन कराना महंगा पड़ सकता है। बोर्ड की ओर से नामावली में बदलाव के लिए 1600 रुपये का अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों और विद्यालयों को विवरण जमा करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करनी होगी।

21 अक्टूबर तक जमा करनी होगी नामावली

जिला समन्वयक नीलम सिंह ने बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए विद्यार्थियों की नामावली जमा करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से विद्यालयों को रिमाइंडर भी भेजा गया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विद्यालयों को 21 अक्टूबर तक ऑनलाइन पोर्टल पर विद्यार्थियों का विवरण अपलोड करना होगा। इसके लिए तय समयसीमा का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि नामावली जमा करने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

नाम, जन्मतिथि और विषयों की जांच जरूरी

एलओसी (List of Candidates) में विद्यार्थियों का नाम, जन्मतिथि, चुने गए विषय और अन्य शैक्षणिक जानकारियां दर्ज की जाती हैं। इन विवरणों में किसी तरह की त्रुटि होने पर आगे परेशानी हो सकती है। इसलिए विद्यालयों को पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने से पहले विद्यार्थियों के अभिलेखों से उसका मिलान करना होगा।

गलती सुधारने पर देना होगा 1600 रुपये अतिरिक्त शुल्क

नामावली जमा होने के बाद यदि किसी विवरण में संशोधन की जरूरत पड़ती है, तो इसके लिए 1600 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। ऐसे में छोटी-सी गलती भी विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डाल सकती है।

विद्यालयों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें। समय रहते नामावली में दर्ज जानकारी सही करने से बाद में संशोधन कराने की जरूरत और अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकता है।