BHU में ‘चीफ प्रॉक्टर हटाओ’ आंदोलन तेज, 10 स्थानों पर कुलपति का पुतला दहन, 8 अक्टूबर से भूख हड़ताल का ऐलान
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्र सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और अन्य छात्रहित से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का आंदोलन जारी है। मंगलवार को संगठन की विभिन्न इकाइयों ने परिसर में अलग-अलग स्थानों पर कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध जताया। ABVP ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 8 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है।
ABVP का आंदोलन 23 सितंबर से चल रहा है। संगठन चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे के साथ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। आंदोलन के दौरान संगठन की ओर से मौन प्रदर्शन, सुंदरकांड पाठ, बुद्धि-शुद्धि यज्ञ, प्रतीकात्मक शव प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे अलग-अलग तरीकों से विरोध किया जा चुका है।
अलग-अलग स्थानों पर किया पुतला दहन
ABVP की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को संगठन की विभिन्न इकाइयों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। एसवीडीवी इकाई ने रुइया चौराहा, सामाजिक विज्ञान इकाई ने ब्रोचा चौराहा, कला संकाय इकाई ने भाई लाल चाय, कृषि विज्ञान इकाई ने बॉटनी चौराहा और विधि संकाय इकाई ने छित्तूपुर गेट पर कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
वहीं मुख्य इकाई की ओर से विश्वनाथ मंदिर परिसर में पुतला दहन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। संगठन का दावा है कि परिसर में कुल 10 स्थानों पर यह प्रदर्शन किया गया।
‘मांगों पर फैसला नहीं हुआ तो भूख हड़ताल’
ABVP बीएचयू इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि छात्र कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अब भी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 8 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा कि आंदोलन छात्र सुरक्षा, सम्मान और परिसर में बेहतर वातावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के साथ संवाद कर मांगों पर निर्णय लेने की अपील की।
चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे समेत 10 सूत्रीय मांगें
ABVP की प्रमुख मांगों में चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफा, प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जवाबदेही तय करना, छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा, परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, अनधिकृत प्रवेश रोकना, सीसीटीवी एवं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता शामिल हैं। चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे समेत इन मांगों को लेकर संगठन पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहा है।
संगठन ने कहा कि मांगों पर निर्णायक कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा और 8 अक्टूबर से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन का अगला चरण होगी।