वाराणसी में एक दिन की DIOS बनीं 12वीं की छात्रा मुस्कान, VIP सड़कों और गरीबों के घर टूटने पर उठाए सवाल
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति फेज-6 अभियान के तहत सोमवार को कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12वीं की छात्रा मुस्कान भारती को एक दिन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान मुस्कान ने विभागीय अधिकारियों से उनके कामकाज की जानकारी ली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने रटंत शिक्षा प्रणाली में बदलाव के साथ ही सड़क चौड़ीकरण के दौरान गरीबों के घर तोड़े जाने और वीआईपी इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने पर भी सवाल उठाए।
रटकर नहीं, समझकर पढ़ें बच्चे
मुस्कान भारती ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि बच्चों को केवल रटकर पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। शिक्षकों को विषयों को सरल भाषा में समझाना चाहिए, ताकि छात्र उन्हें बेहतर तरीके से सीख सकें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में इंटरनेट और आधुनिक तकनीक का भी सही इस्तेमाल होना चाहिए।
मुस्कान के मुताबिक, सभी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर एक जैसा नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उसे अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर दिया जाए।
VIP इलाकों में ही सड़कें क्यों? मुस्कान ने उठाए सवाल
एक दिन की डीआईओएस बनीं मुस्कान ने सड़क निर्माण और चौड़ीकरण को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल किया कि अक्सर उन्हीं सड़कों पर अधिक ध्यान क्यों दिया जाता है, जहां वीआईपी लोगों का आना-जाना होता है। अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि कचहरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान उनके बड़े पापा का घर भी टूट गया था। मुस्कान ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन जिन गरीब परिवारों के घर टूटते हैं, उनके रहने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विकास के नाम पर गरीबों के घर तोड़े जाएंगे, तो आखिर वे लोग कहां जाएंगे?
IAS बनने का सपना, कॉमर्स से कर रहीं पढ़ाई
मुस्कान भारती ने बताया कि वह वर्तमान में 12वीं कक्षा में कॉमर्स की पढ़ाई कर रही हैं और भविष्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना चाहती हैं। एक दिन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक की जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के बारे में उन्हें पहले से जानकारी नहीं थी। विद्यालय की प्रधानाचार्य के बुलाने पर वह कार्यालय पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने उन्हें अपने पदों और जिम्मेदारियों के बारे में बताया। साथ ही कुछ परिस्थितियों के उदाहरण देकर उनसे पूछा गया कि अधिकारी होने पर वह किस प्रकार निर्णय लेंगी।
मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को नेतृत्व का अवसर
प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज-6 के तहत बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई।
इस दौरान मुस्कान ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में माध्यमिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं और नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए प्रेरित करना है।