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कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट पर STF का शिकंजा, शुभम-गौरव समेत चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र

लखनऊ में कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में एसटीएफ ने शुभम जायसवाल, गौरव जायसवाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। दोनों के दुबई में होने की बात सामने आई है। उधर, चंदौली पुलिस ने चार फरार आरोपियों के वाराणसी स्थित घरों पर कुर्की की उद्घोषणा के नोटिस चस्पा किए।

 

कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, शुभम और गौरव फिलहाल दुबई में हैं। उन्हें भारत लाने के लिए गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से पत्राचार किया गया है। वहीं, मामले में फरार अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

शुभम और गौरव समेत चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

एसटीएफ की चार्जशीट में शुभम जायसवाल और गौरव जायसवाल के अलावा अमित जायसवाल तथा विकास सिंह नर्वे को भी आरोपी बनाया गया है। जांच में सिंडिकेट के नेटवर्क, बैंक खातों और सप्लाई रूट से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए हैं।

जांच के अनुसार, गिरोह एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर विभिन्न राज्यों में इसकी आपूर्ति करता था। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए नेपाल और बांग्लादेश तक भी कफ सिरप भेजा जाता था। एसटीएफ की पड़ताल में अवैध कारोबार से कई सौ करोड़ रुपये की कमाई किए जाने की बात सामने आई है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले साल इस सिंडिकेट का खुलासा किया था। इसके बाद से ही गिरोह के सदस्यों, वित्तीय लेनदेन और आपूर्ति नेटवर्क की जांच की जा रही है।

गौरव के पास थी रकम के प्रबंधन की जिम्मेदारी

जांच में गौरव जायसवाल की भूमिका को अहम बताया गया है। एसटीएफ के मुताबिक, सिंडिकेट के पैसों का प्रबंधन गौरव संभालता था। रकम कहां से आएगी, उसे कहां इस्तेमाल किया जाएगा और किसे कितना कमीशन दिया जाना है, इन फैसलों में उसकी प्रमुख भूमिका थी।

बताया गया है कि शुभम जायसवाल गौरव पर भरोसा करता था। जांच एजेंसी ने वित्तीय लेनदेन और फंड मैनेजमेंट में गौरव की कथित भूमिका से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए हैं।

पूर्वांचल में नेटवर्क संभालता था विकास सिंह

चार्जशीट में शामिल विकास सिंह नर्वे को सिंडिकेट का पूर्वांचल क्षेत्र में कामकाज संभालने वाला आरोपी बताया गया है। जांच के मुताबिक, विकास शुभम जायसवाल का करीबी था और पूर्वांचल में नेटवर्क की गतिविधियों को देखता था।

एसटीएफ की जांच में गिरोह के अलग-अलग सदस्यों की भूमिका और उनके बीच काम के बंटवारे से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की गई है।

चार आरोपियों के घर कुर्की की उद्घोषणा का नोटिस

दूसरी ओर, कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में चंदौली पुलिस ने शनिवार को वाराणसी स्थित चार आरोपियों के घरों पर डुगडुगी बजवाकर कुर्की की उद्घोषणा संबंधी नोटिस चस्पा किए। इनमें शुभम जायसवाल, प्रशांत कुमार कसेरा, उनकी पत्नी अंजली रानी कसेरी और आकाश गुप्ता शामिल हैं।

पुलिस निरीक्षक विमलेश कुमार मौर्या के मुताबिक, दोनों मुकदमों में शामिल फरार आरोपियों के घरों पर न्यायालय से जारी उद्घोषणा संबंधी नोटिस चस्पा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

दुबई में मौजूद आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया जारी

एसटीएफ शुभम और गौरव जायसवाल को भारत लाने के लिए संबंधित मंत्रालयों से संपर्क कर चुकी है। दोनों की वापसी की प्रक्रिया जारी होने की बात कही गई है। मामले में वित्तीय लेनदेन, सप्लाई नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

एसटीएफ की चार्जशीट और चंदौली पुलिस की कार्रवाई से स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां इस मामले में कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं। मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।