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वाराणसी में अंबेडकर झंडा विवाद पर बवाल: पथराव में एसीपी विदुष सक्सेना घायल, कई पुलिसकर्मी जख्मी
 

 

वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर के झंडे को जलाने और हटाने को लेकर शुक्रवार को अचानक तनाव भड़क गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग को जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पुलिस जाम खुलवाने पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। आक्रोशित युवाओं ने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठियां पटकीं। इसके जवाब में ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया।

पथराव में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना गंभीर रूप से घायल हो गईं, उनके सिर में चोट आई है। वहीं चोलापुर थाने के दो दरोगा भी लहूलुहान हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एसीपी सक्सेना फिर से मौके पर डटी रहीं।

घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, एडीसीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। साथ ही एसडीएम पिंडरा और तहसीलदार के साथ भारी पुलिस बल और पीएसी भी तैनात कर दी गई। गांव में हालात कुछ समय के लिए ‘गोरिल्ला युद्ध’ जैसे बन गए थे, जिसे नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि अंबेडकर जयंती के दौरान दलित समाज के लोगों ने जुलूस निकालते हुए बाबा बटुक भैरवनाथ मंदिर के गेट पर अंबेडकर का झंडा लगाया था। गुरुवार सुबह झंडा गायब मिलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया, जिसके चलते यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।

पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।