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कफ सिरप सिंडिकेट पर शिकंजा तेज: प्रशांत ‘लड्डू’ की गिरफ्तारी के लिए दबिश, 30 अप्रैल तक हाजिर नहीं होने पर होगी कुर्की
 

 

वाराणसी I कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में फरार आरोपी शुभम जायसवाल के गुरु प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस और एसआईटी लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, प्रदेश छोड़ चुके प्रशांत की गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने उसे 30 अप्रैल तक हाजिर होने का समय दिया है। इससे पहले पुलिस उसकी संपत्तियां सीज कर मकान पर कुर्की की नोटिस चस्पा कर चुकी है।

एसआईटी का कहना है कि तय समय सीमा तक गिरफ्तारी नहीं होने पर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। साथ ही फरार आरोपी की मदद करने वालों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। भेलूपुर थाना क्षेत्र के बिरदोपुर शंकरपुरी कॉलोनी निवासी प्रशांत उपाध्याय, मड़ौली स्थित सेंट जांस कॉलोनी में रह रहा था और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही वांछित है।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि वह अपने कुछ रिश्तेदारों के माध्यम से कचहरी के कुछ अधिवक्ताओं के संपर्क में है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है और एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही है।

दो आरोपियों पर चार्जशीट तैयार

रामनगर पुलिस ने इस मामले में आरोपी रोहित यादव और आजाद जायसवाल के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। सूजाबाद चौकी के दरोगा शिवम सोनी ने यह चार्जशीट तैयार की है।

प्रशांत ने ही शुरू किया था नेटवर्क

एसआईटी जांच में सामने आया है कि प्रशांत उपाध्याय पिछले छह वर्षों से नारकोटिक्स दवाओं की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल था। शुभम जायसवाल ने उसी की फर्म पर काम करते हुए दवाओं में हेरफेर करना सीखा था। प्रशांत ने ही उसे बड़े सप्लायरों से मिलवाया और शुरुआती पूंजी भी उपलब्ध कराई।

इसके बाद शुभम ने बेरोजगार युवाओं को जोड़कर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें फर्जी नाम-पते पर जीएसटी, बैंक खाते और मेडिकल फर्म पंजीकृत कराए जाते थे। इन युवाओं को हर महीने 25 से 30 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था।

दुबई में छिपे शुभम की तलाश तेज

मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को दुबई से वापस लाने के लिए एसआईटी उसके वीजा और ठिकाने की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, वह 45 दिन के वीजा पर दुबई गया था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है और अब वह वहां पहचान छिपाकर रह रहा है।

शुभम के खिलाफ अदालत में दाखिल आरोप पत्र और रेड कॉर्नर नोटिस दुबई पुलिस को भेजा गया है। अन्य एजेंसियों की मदद से उसकी नई लोकेशन का पता लगाने का प्रयास जारी है। शासन के निर्देश पर एसआईटी का मुख्य फोकस शुभम के प्रत्यर्पण पर है, जिसके बाद उसके खिलाफ पिट एनडीपीएस के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।