Credit Card यूजर्स सावधान! ये 5 छिपे चार्ज चुपचाप खाली कर सकते हैं आपका बैंक बैलेंस
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आसान जरूर है, लेकिन इसके साथ जुड़े हिडन चार्ज आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं। ब्याज, लेट पेमेंट फीस, कैश एडवांस, ओवर-लिमिट और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन चार्ज जैसे खर्च कई बार यूजर्स को पता भी नहीं चलते और बिल तेजी से बढ़ जाता है।
Credit Card Hidden Charges: क्रेडिट कार्ड आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान, ट्रैवल बुकिंग और रिवॉर्ड्स के लिए बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, कई बार क्रेडिट कार्ड के साथ जुड़े कुछ ऐसे चार्ज भी होते हैं, जिन पर यूजर्स का ध्यान नहीं जाता और धीरे-धीरे यही खर्च बड़ा आर्थिक बोझ बन जाते हैं।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल फायदे का सौदा हो सकता है, लेकिन इसकी शर्तों और चार्जेज को समझे बिना उपयोग करना महंगा साबित हो सकता है।
Minimum Due भरना पड़ सकता है सबसे महंगा
क्रेडिट कार्ड से जुड़े सबसे बड़े खर्चों में ब्याज शामिल है। कई लोग पूरा बिल चुकाने के बजाय केवल Minimum Due जमा कर देते हैं। ऐसा करने पर बचे हुए पूरे बकाया पर ब्याज लगना शुरू हो जाता है। बैंकों की ब्याज दर कई मामलों में सालाना 30 से 40 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। ऐसे में छोटी राशि भी कुछ महीनों में बड़ी देनदारी में बदल सकती है।
लेट पेमेंट फीस बढ़ा देती है बिल का बोझ
यदि क्रेडिट कार्ड का बिल तय तारीख तक जमा नहीं किया जाता है, तो बैंक लेट पेमेंट फीस वसूलते हैं। इसके साथ इस शुल्क पर जीएसटी भी लगाया जाता है। यानी एक छोटी सी देरी आपके कुल बिल को और अधिक बढ़ा सकती है। लगातार लेट पेमेंट करने से क्रेडिट स्कोर पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
कैश निकालना पड़ सकता है बेहद महंगा
कई लोग जरूरत पड़ने पर क्रेडिट कार्ड से नकद राशि निकाल लेते हैं। हालांकि यह सुविधा काफी महंगी साबित हो सकती है। कैश एडवांस लेने पर बैंक अलग से शुल्क वसूलते हैं और उसी दिन से ब्याज भी लगना शुरू हो जाता है। इसमें ब्याज-मुक्त अवधि (Grace Period) का लाभ नहीं मिलता, जिससे खर्च तेजी से बढ़ सकता है।
विदेशी ट्रांजैक्शन पर लगता है अतिरिक्त शुल्क
अगर आप विदेश यात्रा के दौरान या किसी विदेशी वेबसाइट पर क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते हैं, तो बैंक विदेशी ट्रांजैक्शन शुल्क भी वसूल सकते हैं। आमतौर पर यह शुल्क ट्रांजैक्शन राशि का 1.5 प्रतिशत से 3 प्रतिशत तक हो सकता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने से पहले कार्ड की शर्तों को जरूर जांच लेना चाहिए।
ओवर-लिमिट और सालाना फीस भी बढ़ाती है खर्च
क्रेडिट कार्ड की निर्धारित लिमिट से अधिक खर्च करने पर कई बैंक ओवर-लिमिट चार्ज लगाते हैं। इसके अलावा कई कार्ड्स पर सालाना शुल्क (Annual Fee) भी लागू होता है। यदि कार्ड का उपयोग कम है और उसके बदले सालाना शुल्क देना पड़ रहा है, तो यह भी अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकता है।
ऐसे बच सकते हैं अनावश्यक चार्ज से
विशेषज्ञों की सलाह है कि क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल समय पर चुकाना सबसे बेहतर विकल्प है। साथ ही कार्ड जारी करने वाले बैंक की सभी शर्तों और शुल्कों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
कैश एडवांस से बचना, खर्च को निर्धारित लिमिट के भीतर रखना और अनावश्यक ट्रांजैक्शन न करना आपको अतिरिक्त चार्ज से बचा सकता है। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो क्रेडिट कार्ड एक उपयोगी वित्तीय साधन है, लेकिन लापरवाही इसे महंगे कर्ज में बदल सकती है।