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वाराणसी में Cy-Vazra अभियान का बड़ा असर: 75 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 300 युवक-युवतियों का रेस्क्यू; ₹3.4 करोड़ होल्ड

 

वाराणसी। साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे Cy-Vazra अभियान की पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अभियान के तहत की गई कार्रवाई और उपलब्धियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान 39 साइबर अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 75 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं करीब 300 युवक-युवतियों को रेस्क्यू किया गया।

अभियान के तहत पुलिस ने 42 मोबाइल फोन, एक ASUS लैपटॉप, दो चारपहिया वाहन और ₹1,40,295 की नकदी बरामद की है। इसके अलावा करीब ₹3.4 करोड़ की संदिग्ध धनराशि बैंक खातों में होल्ड कराई गई, जबकि 480 बैंक खातों को फ्रीज कराया गया। पुलिस ने 145 IMEI नंबर और 168 मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कराए हैं। साइबर ठगी के पीड़ितों को ₹29.5 लाख की धनराशि रिफंड कराई गई।

पुलिस के मुताबिक, Cy-Vazra अभियान के तहत अंतरराज्यीय MLM और Pyramid Scheme के जरिए नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। इसके साथ ही ऑनलाइन बेटिंग रैकेट पर भी प्रभावी कार्रवाई की गई। Grindr और Polo App, फर्जी Credit Card APK, OLX, फर्जी नौकरी, Private Bank Recruitment, Money Mule Bank Account, Credit Card Fraud, Child Pornography और Trading Fraud समेत कई साइबर अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

बैठक में करीब 854 संदिग्ध मनी म्यूल बैंक खातों की जांच की समीक्षा की गई। पुलिस इन खातों से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, खाताधारकों का सत्यापन और धनराशि के Fund Trail का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने या बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस आयुक्त ने साइबर फ्रॉड के प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा DCP, ADCP और ACP स्तर पर करने के निर्देश दिए। साथ ही रेड श्रेणी के मनी म्यूल खातों को तत्काल Debit Freeze कराने, खाताधारकों के KYC और आपराधिक इतिहास की जांच करने को कहा गया।

बैठक में संदिग्ध मोबाइल नंबरों और हॉटस्पॉट का CDR, CAF, IMEI और लोकेशन विश्लेषण कर साइबर अपराधियों के नेटवर्क का पता लगाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने फर्जी नौकरी, ऑनलाइन मार्केटप्लेस फ्रॉड, निवेश ठगी और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से जुड़े मामलों में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।