दालमंडी चौड़ीकरण: मोहर्रम के बाद 5 मस्जिदों पर चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात
वाराणसी। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुधवार सुबह प्रशासन ने पांच मस्जिदों के चिह्नित हिस्सों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 7 बजे प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को टीन शेड लगाकर सील कर दिया। इसके बाद सुबह 7:30 बजे चौक थाना के पीछे स्थित मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग की बाउंड्री तोड़ने का काम शुरू हुआ।
ध्वस्तीकरण के लिए करीब 50 मजदूर लगाए गए हैं, जो चिह्नित हिस्सों को हटाने में जुटे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे इलाके में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है।
6 मस्जिदें परियोजना की जद में, 5 ने दी थी सहमति
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 181 मकानों और छह मस्जिदों के कुछ हिस्से अधिग्रहण की जद में आए हैं। इनमें लंगड़े हाफिज मस्जिद, निसारन मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, अली रजा मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार, लंगड़े हाफिज मस्जिद को छोड़कर बाकी पांच मस्जिदों के प्रबंधन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए चिह्नित हिस्सों को हटाने पर सहमति दे दी थी। मोहर्रम के दौरान कार्रवाई टाल दी गई थी, जिसे अब पर्व समाप्त होने के बाद शुरू किया गया है।
सुरक्षा के बीच ध्वस्तीकरण
कार्रवाई शुरू होने से पहले प्रशासन ने दालमंडी की ओर जाने वाले मार्गों को बंद करा दिया। ध्वस्तीकरण के दौरान मीडिया कर्मियों को वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने की अनुमति नहीं दी गई। पूरे क्षेत्र की निगरानी पुलिस बल की मौजूदगी में की जा रही है।
ऐतिहासिक हैं कई मस्जिदें
दालमंडी क्षेत्र की कई मस्जिदें ऐतिहासिक महत्व रखती हैं। लंगड़े हाफिज मस्जिद को आजादी से पहले का बताया जाता है, जहां जुमे, ईद और बकरीद पर हजारों लोग नमाज अदा करते हैं। निसारन मस्जिद के प्रबंधन का दावा है कि इसका निर्माण वर्ष 1826 में हुआ था, जबकि रंगीले शाह मस्जिद को स्थानीय लोगों के अनुसार मुगल काल से जुड़ा माना जाता है।
अली रजा मस्जिद भी लगभग 200 वर्ष पुरानी बताई जाती है। वहीं संगमरमर मस्जिद के प्रबंधन का कहना है कि इसका मूल निर्माण करीब दो शताब्दी पहले हुआ था और वर्ष 1935 में इसके जर्जर हिस्से का पुनर्निर्माण कराया गया था।
सड़क चौड़ीकरण से मिलेगी राहत
प्रशासन का कहना है कि दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना का उद्देश्य पुराने शहर के इस अत्यधिक व्यस्त इलाके में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है। परियोजना पूरी होने के बाद लोगों को जाम से राहत मिलने और आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल ध्वस्तीकरण का कार्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच चरणबद्ध तरीके से जारी है।