जहरीली दवाओं से मौत, सरकार चुप क्यों? नशीली कफ सिरप मामले पर अजय राय का बड़ा हमला
Varanasi : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अवैध कफ सिरप रैकेट ने बनारस तथा आसपास के जिलों में लोगों की जान को गंभीर खतरे में डाल दिया है, जबकि सरकार इस पूरे मामले में “लापरवाह और संलिप्त” दिखाई दे रही है।
अजय राय ने आरोप लगाया कि बनारस में आवश्यक औषधि माने जाने वाले कफ सिरप का बड़ा रैकेट खुलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क की जड़ें कई राज्यों और विदेशों तक फैली हैं। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ऐसा अवैध कारोबार चलना प्रशासन की पूर्ण विफलता है। उन्होंने यहां तक कहा कि इस नेटवर्क का विस्तार देखते हुए पीएमओ से किसी की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए।
अजय राय ने सप्लाई से संबंधित दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी के सबूत पेश करने का दावा किया। उन्होंने बताया :
- 15 तारीख को भोला प्रसाद का नाम व पूरा पता दर्ज है।
- 19 तारीख के रिकॉर्ड में शुभम जायसवाल का नाम है, पर न पिता का नाम, न पता।
- अलग–अलग तारीखों पर चंदौली, मुगलसराय, रांची (झारखंड) जैसे कई पते दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि यह ड्रग लाइसेंसिंग अधिकारियों की मिलीभगत का पक्का सबूत है।
अजय राय ने मांग उठाई कि लोग जहरीली दवाइयों से मर रहे हैं, और सरकार दोषियों को बचा रही है। हाईकोर्ट की निगरानी में तत्काल न्यायिक जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि इस रैकेट के असली मास्टरमाइंड कौन हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इतने बड़े अवैध ड्रग नेटवर्क के बावजूद सरकार की चुप्पी बताती है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि खुली मिलीभगत है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में प्रशासन की सुरक्षा में यह रैकेट फल–फूल रहा है।
अजय राय ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों में निमंत्रण की चयनात्मक परंपरा खत्म होनी चाहिए, ताकि हर व्यक्ति को समान सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि यह प्रेस वार्ता इसलिए की गई कि जनता को बताया जा सके कि अवैध दवा कारोबार युवाओं का भविष्य नष्ट कर रहा है, और सरकार इसे रोकने में असफल रही है।