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थाना कोतवाली, टाउनहॉल और मालवीय मार्केट वाली जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव की मांग, DM से मिले व्यापारी

 

Varanasi : काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर मालवीय मार्केट व्यवसायिक संघ एवं शरणार्थी व्यापार महामंडल, काशी के अध्यक्ष अभिषेक केसरी ने जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार (आईएएस) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को एक पत्र एवं पत्रिका सौंपते हुए सरकारी राजस्व अभिलेखों में दर्ज कुछ औपनिवेशिक शब्दों को नियमानुसार हटाने और काशी की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप नाम दर्ज किए जाने की मांग रखी।

अभिषेक केसरी के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र की आराजी संख्या 1714 से संबंधित सरकारी राजस्व अभिलेखों में ‘केसर-ए-हिंद’ और ‘एम्परर ऑफ ब्रिटिश इंडिया’ जैसे शब्द दर्ज हैं। उन्होंने मांग की कि नियमानुसार इन औपनिवेशिक शब्दों को अभिलेखों से हटाकर संबंधित भूमि के अभिलेखों में ‘काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव जी’ अथवा प्रशासन द्वारा उचित समझे जाने वाला नाम दर्ज किया जाए।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में आराजी संख्या 1714 से संबंधित क्षेत्र में थाना कोतवाली, टाउनहॉल ग्राउंड और मालवीय मार्केट स्थित हैं। ऐसे में इस भूमि से जुड़े राजस्व अभिलेखों में काशी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को उचित स्थान दिए जाने की मांग की गई है।

पराड़कर भवन में हुई थी संगोष्ठी

अभिषेक केसरी ने जिलाधिकारी को बताया कि इस विषय को लेकर 4 अगस्त 2026 को पराड़कर भवन में संगोष्ठी आयोजित की गई थी। इसमें काशी के पत्रकारों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। संगोष्ठी के माध्यम से भी सरकारी अभिलेखों में काशी की सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग उठाई गई थी।

उन्होंने कहा कि बाबा काल भैरव काशीवासियों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए संबंधित सरकारी अभिलेखों में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

डीएम ने उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से इस मामले में नियमानुसार आवश्यक वैधानिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। बताया गया कि जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने मामले में जल्द उचित कार्रवाई कर इसकी जानकारी देने का आश्वासन दिया है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान नरेश, विनय अरोड़ा, ऋषि आहूजा, धीरज अरोड़ा, त्रिलोचन सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।